झूठ बोलने के लिए आपको बहुत रचनात्मक होना पड़ता है, लेकिन सच बोलने के लिए आपको सहज होना पड़ता है। सच पवित्र होता है, जो सीधे दिल से आता है।
सादगी और शुद्धता हमारी कमज़ोरी नहीं हैं। अगर हम चाहें तो इन्हें अपनी ताकत बना सकते हैं।
पूनम का चाँद कितना भी ख़ूबसूरत क्यों न हो सूरज के बिना उसका कोई वजूद नहीं।
जीवन में कठिन परिस्थितियाँ आने पर हम पहले से अधिक मजबूत होकर निकलते हैं।
प्रेम सबसे बड़ी ताकत है।
अगर कोई चीज़ अनंत से उत्पन्न होती है तो यह अपने साथ अपने उद्गम का सार तत्त्व भी ले आती है और इस तरह उसमें असीमितता का बोध बना रहता है।
स्वीकार्यता क्रमिक-विकास की सूचक है। हमारी तैयारी या मनोभाव यह होना चाहिए कि चाहे जो भी हो, मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूँ।
आध्यात्मिकता की राह निर्भीक और साहसी लोगों के लिए है।
जब हम अपनी पसन्द और नापसन्द से अत्यधिक प्रतिक्रिया करते है तब हम अपने मन पर अनचाही छापें बना लेते हैं।
अकेला प्रेम ही सबकुछ करने में सक्षम है।