एक समर्पित हृदय कृपा, ख़ुशी, प्रसन्नता और हर्ष को आकर्षित करता है जिसके फलस्वरूप सम्बन्ध बनते हैं।
दाजी
May 14th 2026
वाणी महान है, लेकिन मौन महानतर है।
लालाजी
May 13th 2026
जब हम यह मानते हैं कि हम अपनी नियति का निर्माण करते हैं, तब हम अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं।
दाजी
May 12th 2026
मन का विकास एक संतुलित अवस्था विकसित करने और सोचने से महसूस करने की ओर जाना है।
दाजी
May 11th 2026
युवावस्था का समय ऊर्जावान गतिविधि का दौर होना चाहिये जिसमें आकांक्षा भी जुड़ी हो।
चारीजी
May 10th 2026
हमें अपने दिल में सचेत रहना होगा ताकि अपने सभी कार्यों और विचारों में हमारे हृदय से प्रेम प्रवाहित होता रहे।
दाजी
May 9th 2026
एक शुद्ध मन भीतर से अपनी दिशा पाता है चूँकि वह केन्द्रित होता है।
दाजी
May 8th 2026
स्रोत के साथ जुड़ा हुआ एक पवित्र हृदय ख़ुद को स्वाभाविक रूप से अच्छाई, उदारता और प्रेम से उँड़ेलता रहता है।
लालाजी
May 7th 2026
जब हृदय संतुष्ट हो तो मन अंतर्दृष्टि, स्पष्टता और विवेक प्राप्त करता है।
दाजी
May 6th 2026
प्रेम नैतिकता, उन्नति और विकास की ओर ले जाने वाली एक शक्ति है।
चारीजी
May 5th 2026
ध्यान के द्वारा भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तरों पर एक साथ तनावमुक्ति हो सकती है।
दाजी
May 4th 2026
किसी के साथ हुए कटु अनुभव के भावनात्मक बोझ से छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय उसे क्षमा कर देना है।
दाजी
May 3rd 2026
मन की गतिविधियों का उचित नियमन और उनको समुचित रूप से ढालने का काम कड़ाई से नहीं किया जा सकता। मन पर पड़े बोझ को केवल आन्तरिक सफ़ाई के द्वारा हटाने से ही यह संभव हो पाता है। मनुष्य के वास्तविक स्वरूप को निखारने का यही एकमात्र असरदार तरीका है।
बाबूजी
May 2nd 2026
मूल अस्तित्व की दशा का जागृत होना ही जीवन है।
बाबूजी
May 1st 2026
मन के उच्चतर स्तरों पर उच्चतर चिन्तन जरूरी है। निम्न स्तर के खयालों में न उलझकर हमें इससे दूर और आगे निकल जाने का प्रयास करते रहना चाहिए।