एक यात्रा हृदय की गहराइयों में

जेसन नटिंग

हम सतह से प्रारंभ करते हैं —

विचार, गति और जिज्ञासा की गूँज।

उसे पाने के लिए बेचैन

जिसे कभी खोया ही नहीं।

हम शांति की खोज करते हैं

प्रयास से,

कोशिशों से,

स्वरूप से।

लेकिन पुकार का स्वर इन सबसे मद्धम है —

इसके परे नहीं,

ऊपर भी नहीं,

बल्कि नीचे ही।

इसलिए हम बैठ जाते हैं।

स्वीकार करते हैं।

हम शुरू करते हैं,

अवतरण

हृदय की परतदार स्थिरता में।

भावनाएँ कोमल हो जाती हैं।

यादों की पकड़ ढीली पड़ जाती है।

विचार गुज़र जाते हैं,

जैसे रुके हुए पानी के ऊपर से परछाइयाँ।

हम बढ़ते जाते हैं —

आगे नहीं,

बल्कि भीतर की ओर।

मजबूर होकर नहीं,

बल्कि खिंचे चले जाते हैं।

हम रूह तक पहुँचते हैं। …

एक शांत लौ,

जो स्थिर है और सतर्क है।

वह स्वागत करती है।

वह प्रतीक्षा करती है।

उसमें बेकरारी होती है –

और फिर भी,

उसे भी झुकना पड़ता है,

क्योंकि खिंचाव जारी रहता है।

हम और भीतर जाते हैं—

भावनाओं से परे,

स्वयं से परे,

रूह से भी परे,

एक निःशब्दता में

जो अनुपस्थिति नहीं,

बल्कि एक अनाम उपस्थिति है।

एक प्रकाश

जो चमकता नहीं।

एक गहराई

जिसकी कोई दिशा नहीं।

एक हलचल

जिसमें गति नहीं।

हम इसमें कुछ करते नहीं।

हम तो केवल वहाँ

मौजूद होते हैं

जब ऐसा होता है।

कृपा

विचार से पहले पहुँचती है।

प्राणाहुति वहाँ तक जाती है

जहाँ हमारा ध्यान भी नहीं जाता।

इसका विस्तार वहाँ भी है

जहाँ हम स्वयं नहीं जा सकते थे।

और फिर भी हमें बस मौजूद रहना था।

हम गहरे उतरे।

और वहीं रहे।

हम समर्पित हुए।

और कुछ ऐसा खुल गया

जो कभी बंद ही नहीं था।

हम धीरे से लौटते हैं,

लेकिन फिर

सब कुछ पहले जैसा नहीं रहा।

मन कुछ कह सकता है,

लेकिन हम उसका अनुसरण नहीं करते।

शरीर कार्य कर सकता है,

लेकिन वह स्थिरता से

हट जाता है।

इच्छा भी

विलीन हो जाती है—

हार में नहीं,

बल्कि पूर्णता में।

अब हम साधक नहीं,

हम वह हैं

जिसे जीया जा रहा है।

यह कोई शिखर नहीं।

यह तो

बिंदु है जो विलीन हो रहा है।

पहचान का शांत अंत।

सत्य का आरंभ।

यह कोई प्राप्त करने की अवस्था नहीं,

बल्कि एक उपस्थिति है,

कुछ प्राप्त करने के लिए।

यह चकाचौंध भरा प्रकाश नहीं,

बल्कि एक ऐसा प्रकाश है

जो बस है।

इसे आपको अपनी ओर आकर्षित करने दें।

इसे आपको ग्रहणशील बनाने दें।

इसे आपको ले जाने दें।

घर तक।

डूब जाएँ,

विलीन हो जाएँ,

खो जाएँ

उस स्थिरता में

जो आप सदा से हैं।

घर तो सदा से वही रहा है।


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जेसन नटिंग

जेसन एक व्यायाम एवं पोषण विशेषज्ञ हैं। इनके कार्य की शुरुआत अमेरिका की वायुसेना से हुई थी और बाद में वे एक प्रमाणित कोच बन गए जिसके तहत उन्होंने मोटापा कम करने, कार्य-प्रदर्शन एवं प... और पढ़ें

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