क्लोई पॉवेल बताती हैं कि रोज़ाना पानी पीनाशरीर के प्राकृतिक संतुलन को कैसे बनाए रखता है। वे इसे एक आदत बनाने के कुछ आसान तरीके भी बताती हैं।

 

आत्म-देखभाल का हर सफल सफ़र एक मूलभूत कदम से शुरू होता है। जहाँ कई लोग तनाव कम करने या तंदुरुस्ती बेहतर करने पर ध्यान देते हैं, वहीं सबसे असरदार शुरुआती बिंदु को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है - वह है हाइड्रेशन यानी पर्याप्त पानी पीना। पानी आपके शरीर के सबसे ज़रूरी कामों के लिए ईंधन का काम करता है। यह आपकी ऊर्जा के स्तर और मनोदशा से लेकर आपकी त्वचा के रंग-रूप तक, हर चीज़ पर असर डालता है। इस आवश्यक तत्व के इर्द-गिर्द एक स्वास्थ्य दिनचर्या बनाकर आप अपने स्वास्थ्य पर सबसे सीधे तरीके से नियंत्रण पा लेते हैं। जानिए कि आप इस बदलाव के सफ़र की शुरुआत कैसे कर सकते हैं।

पानी पीने का महत्व

पानी इंसान के शरीर का एक अभिन्न हिस्सा है। वास्तव में, यह औसतन शरीर का लगभग साठ प्रतिशत हिस्सा बनाता है। सटीक आँकड़ा उम्र और शरीर में पानी की मात्रा के हिसाब से बदल सकता है। उदाहरण के लिए, पसीने के ज़रिए आपके शरीर से पानी बाहर निकल सकता है, विशेषकर गर्म मौसम में या कसरत करते समय।

दुर्भाग्यवश, पचहत्तर प्रतिशत अमेरिकी लोग लगातार डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी का सामना करते हैं और उन्हें पानी की आपूर्ति करने में कठिनाई होती है। अपने शरीर में इस संसाधन की भरपाई करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करने और जोड़ों को चिकनाई देने का काम करता है। यह मूत्र के ज़रिए शरीर से ज़हरीले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने के लाभ

पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने के कई लाभ हैं। इससे ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और वज़न कम करने में मदद मिलती है। यह छोटा सा बदलाव करना आत्म-देखभाल का एक बहुत असरदार कार्य है जो आपके स्वास्थ्य के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।


पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने के कई लाभ हैं। इससे ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और वज़न कम करने में मदद मिलती है। यह छोटा सा बदलाव करना आत्म-देखभाल का एक बहुत असरदार कार्य है जो आपके स्वास्थ्य के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।


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ऊर्जा के स्तर में सुधार

यदि आपको कभी सुस्ती या थकावट महसूस होती है तो उसका कारण शरीर में पानी की कमी हो सकता है। यहाँ तक कि पानी की थोड़ी सी भी कमी का आपके दिमाग के कार्य पर असर पड़ सकता है, जिससे आपको थकान महसूस हो सकती है और केंद्रित रहने में कठिनाई हो सकती है। पूरे दिन ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बने रहना बहुत ज़रूरी है। यह अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को भी ठीक कर सकता है, जिनकी वजह से आप अस्वस्थ महसूस कर सकते हैं।

बेहतर सजगता

अपने शरीर में जलस्तर सही बनाए रखने के लिए आम तौर पर थोड़ी-सी सजगता की आवश्यकता होती है। आपको अपनी प्यास को पहचानना होगा और दिन में पानी पीने के लिए समय निकालना होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए आत्म-देखभाल की एक दिनचर्या बनाकर आप ज़्यादा सजग रह सकते हैं।

अगली बार जब आप पानी का एक गिलास लें तब अपनी इंद्रियों से जुड़ी अनुभूतियों पर ध्यान दें - जैसे आपके हाथ में गिलास की ठंडक, पानी गिरने की आवाज़ और पानी पीने पर प्यास बुझने का एहसास। उन कुछ पलों के लिए अपना पूरा ध्यान सिर्फ़ पानी पीने की क्रिया पर केंद्रित रखें। यह सरल-सा अभ्यास आपको तनावपूर्ण विचारों के चक्र से बाहर निकालता है और वर्तमान क्षण में मज़बूती से टिकाए रखता है। यह आपके मन को फिर से व्यवस्थित करता है।

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सर्वोत्तम शारीरिक क्रिया-प्रदर्शन

पानी पीते रहने से प्राप्त बेहतर ऊर्जा स्तर से, आप व्यायाम या अन्य गतिविधियाँ करने के लिए ज़्यादा तरोताज़ा महसूस करेंगे। एक स्पष्ट मन ज़्यादा तेज़ और सटीक गतिविधियाँ करने में भी मदद कर सकता है, जो उस समय बहुत काम आता है जब आप चोटों से बचना चाहते हैं।

वज़न घटाने में मदद

पानी वज़न घटाने का एक प्रभावकारी साधन हो सकता है। खाना खाने से ठीक पहले पानी पीने से भूख कम हो जाती है। इस बात के भी सबूत हैं कि ज़्यादा कैलोरी वाले पेय पदार्थों की जगह सादा पानी पीने से वज़न घटाने में मदद मिल सकती है।

त्वचा का बेहतर रंग-रूप

पर्याप्त पानी पीते रहने का सबसे ज़्यादा असर आपके शरीर के आंतरिक तंत्र पर पड़ता है, लेकिन इसके कुछ संकेत बाहर भी दिखाई देते हैं। चूँकि पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, इसलिए यह मुहाँसे और दाग-धब्बे दूर करने में भी मददगार हो सकता है। इस बात की पुष्टि के लिए अभी और शोध की ज़रूरत है, इसलिए आपको अपनी त्वचा की बाहरी परतों में नमी बनाए रखने के लिए दूसरे तरीकों, जैसे मॉइस्चराइज़र (नमी प्रदायक क्रीम) का इस्तेमाल करना चाहिए।

आत्म-देखभाल के लिए पर्याप्त पानी पीने वाली दिनचर्या कैसे बनाएँ

अपनी देखभाल हेतु पर्याप्त पानी पीने वाली दिनचर्या बनाने के लिए उद्देश्यपूर्ण सोच की ज़रूरत होती है। यहाँ कुछ सुझाव प्रस्तुत हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

  • दिन भर पानी पीते रहें

कुछ लोग प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं, लेकिन इसका मतलब अक्सर यह होता है कि उनके शरीर में पहले ही पानी की कमी हो चुकी है। सबसे अच्छा तो यह होगा कि आप शरीर में पानी की कमी होने ही न दें। पानी पीने के लिए अपने फ़ोन पर नियमित रिमाइंडर सेट करने के बारे में सोचें। आप अपने पास हमेशा एक पानी की बोतल भी रख सकते हैं।


अपने शरीर में जलस्तर सही बनाए रखने के लिए आम तौर पर थोड़ी-सी सजगता की आवश्यकता होती है। आपको अपनी प्यास को पहचानना होगा और दिन में पानी पीने के लिए समय निकालना होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए आत्म-देखभाल की एक दिनचर्या बनाकर आप ज़्यादा सजग रह सकते हैं।


 

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  • भोजन में पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें

शरीर में आवश्यक जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी सबसे अच्छा स्रोत है। लेकिन आप अपनी पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए दूसरे तरीके भी अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए, तरबूज़ और स्ट्रॉबेरी दोनों में 91% पानी होता है। इनके अलावा आप खरबूजा, आड़ू और संतरे जैसे अन्य फल भी चुन सकते हैं।

सबसे अच्छे परिणामों के लिए आप इन पानी से भरपूर फलों को सीधे ही खा सकते हैं। आप इन्हें स्मूदी में भी डाल सकते हैं या दूसरे पकवानों में भी मिला सकते हैं ताकि दूसरे खाने से मिलने वाले सोडियम को संतुलित किया जा सके।

  • पानी की कमी करने वाले पेय से बचें

अपने जलस्तर को बेहतर बनाने का मतलब यह भी हो सकता है कि आप अपने भोजन में उन पदार्थों को शामिल न करें जिनसे शरीर में पानी की कमी होती है। सबसे अच्छा यही है कि आप कैफ़ीन या शराब को अपने आहार में सीमित रखें या पूरी तरह हटा दें। आपको मीठे पेय, जैसे सोडा से भी सावधान रहना चाहिए। यदि आप अपने मुँह का स्वाद बदलना चाहते हैं तो कोई प्राकृतिक रूप से मीठा और पानी से भरपूर फल चुनें।

  • भोजन में आवश्यक खनिज लवण शामिल करें

पानी की कमी करने वाले पेय की जगह ऐसे पेय लें जिनमें आवश्यक खनिज लवण हों। ये शरीर में पानी की मात्रा बेहतर बनाने के साथ-साथ ऊर्जा भी बढ़ाते हैं। इसके अलावा, इन्हें घर पर बनाना बहुत आसान है; बस चार कप पानी में एक-चौथाई से आधा चम्मच नमक, थोड़ा सा खट्टे फल का रस और थोड़ी सी चीनी या मीठा करने वाला पदार्थ (sweetener) मिला लें।

  • गर्म पानी से नहाने से बचें

टब में गर्म पानी से नहाना बहुत आरामदायक हो सकता है। लेकिन बेहतर होगा कि आप नहाने में ज़्यादा समय न लगाएँ, क्योंकि गर्म पानी आपकी त्वचा में मौजूद प्राकृतिक नमी और उसकी सुरक्षा परत को नुकसान पहुँचा सकता है। त्वचा का रूखापन और जलन बहुत परेशान करने वाली समस्याएँ हैं।

 

आपको मीठे पेयजैसे सोडा से भी सावधान रहना चाहिए। यदि आप अपने मुँह का स्वाद बदलना चाहते हैं तो कोई प्राकृतिक रूप से मीठा और पानी से भरपूर फल चुनें।

 

तेज़ गर्म पानी से नहाने पर भी यही बात लागू होती है। यदि आप स्नानघर में कुछ समय बिताना ही चाहते हैं तो ऐसा कभी-कभार ही करें और जब भी हो सके गुनगुने या हल्के गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें।

  • ज़्यादा गर्मी से बचें

गर्मी आम तौर पर आपके शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए अच्छी नहीं होती है। गर्म मौसम में आपको पसीना आ सकता है और आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। याद रखें कि बीच-बीच में छाँव में आराम करें या किसी ठंडी जगह पर ही रहें। यदि आप कसरत कर रहे हैं या कोई शारीरिक मेहनत वाला काम कर रहे हैं तो बीच-बीच में पानी पीकर अपने शरीर में पानी की कमी को पूरा करते रहें। बाज़ार में ऐसे ‘रनिंग जेल’ मिलते हैं जो दौड़ते समय भी आपके शरीर में आवश्यक खनिजों की कमी को पूरा कर देते हैं, लेकिन सादा पानी पीना सबसे अच्छा रहता है।

अंदर और बाहर से तरोताज़ा महसूस करें

शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना अपनी देखभाल करने का एक बहुत ही आसान लेकिन असरदार तरीका है। सिर्फ़ कुछ छोटे-मोटे बदलाव भी आपको बहुत अधिक तरोताज़ा महसूस करा सकते हैं। याद रखें कि आदर्श स्थिति से निरंतरता अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए जब आप ये नई आदतें अपना रहे हों तब अपने प्रति थोड़ा धैर्य रखें। इसका असली मकसद एक ऐसा नित्य-नियम बनाना है जो आपके शरीर को पोषण दे और आपको अच्छा महसूस कराए। अपनी पसंदीदा आदतें चुनें और अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाएँ।


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