जी हाँ, आप यह कर सकते हैं!


नए वर्ष की शुरुआत में स्वयं में स्थिरता लाने के लिए दाजी दो आसान अभ्यास करने के लिए कह रहे हैं जिनसे आपको वर्ष 2024 में केंद्रित होने में मदद मिलेगी और खुशी का एहसास होगा।

“पृथ्वी पर जीवन विकास के लिए है। प्रत्येक जीवन में ज्ञान, कौशल और मनोभाव का क्रमिक विकास होता है।” 

—दाजी

 

प्रिय मित्रों, 

नव वर्ष थोड़ा विराम लेने, मूल्यांकन करने और आने वाले समय पर केंद्रित होने के लिए एक अच्छा समय है। यह बात विशेष रूप से सही है यदि आप इतने ज़्यादा व्यस्त रहते हैं कि स्वयं नहीं जानते किस रास्ते पर आपको जाना है। और उससे भी ज़्यादा यह तब सही है जब आपने किसी आघात या अचानक बदलाव, किसी गंभीर बीमारी, रिश्ता टूटने या अपने किसी करीबी को खो देने का अनुभव किया है। ऊपर से इन दिनों विश्व में हो रही घटनाएँ भी बेबसी की भावना का संकेत दे रही हैं इसलिए भविष्य के प्रति अनिश्चितता महसूस करना स्वाभाविक है। 

ऐसे में एक चीज़ जो आप में स्थिरता लाएगी, वह है ध्यान का नियमित अभ्यास जो आपके हृदय को कोमल बनाता है और आपको अपने उच्चतर स्व के समीप ले आता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि संसार में बहुत बड़े-बड़े बदलाव हो रहे हैं और ध्यान का नियमित अभ्यास वृहद दृष्टिकोण से बड़ी तस्वीर देखने में आपकी सहायता कर सकता है। 

इसके अलावा मैं आपको निम्नलिखित अभ्यासों को आज़माने के लिए आमंत्रित करता हूँ जिससे आपको एकाग्रता व प्रसन्नता मिलेगी और भविष्य की योजनाएँ बनाने तथा अप्रत्याशित को स्वीकार करने की आपकी योग्यता बढ़ेगी।

अभ्यास 1 - पाँच प्राथमिकताएँ

ऐसे स्थान पर आराम से बैठ जाएँ जहाँ आपके लिए कोई व्यवधान न हो। अपनी आँखें बंद करें और अपने आप से पूछें कि इस समय आपके जीवन में कौन सी बाधाएँ हैं और किन चीज़ों पर आप ध्यान केंद्रित करना चाहेंगे जिससे आपको शांति मिले और स्वास्थ्यलाभ हो। अपने मन को आश्चर्य व कल्पनाओं से भर जाने दें और अन्वेषण करें।

जब आप तैयार हों तब अपने हाथ में कलम और कागज़ लेकर उन पाँच चीज़ों को प्राथमिकता के अनुसार लिखें जिसमें पहले स्थान पर सबसे अधिक महत्वपूर्ण चीज़ हो। 

उदाहरण के लिए, हो सकता है कि आप अपने जीवन में सोशल मीडिया के प्रभावों से चिंतित हों और उसे सीमित करना चाहते हों। या आप अपने मित्र से अपने संबंधों को सुधारना चाहते हों, अपने व्यवसाय में परिवर्तन करना चाहते हों या अपने वैवाहिक जीवन को मज़बूत बनाने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहते हों। आपके मन में जो भी सबसे ऊपर है और आपके अंदर चिंता तथा व्यग्रता उत्पन्न कर रहा है, उसे लिख लें।

आप इस सूची को ऐसे स्थान पर लगा दें जहाँ आप इसे देख सकते हों। विचार करें कि आप पहले बिंदु का समाधान कैसे करना चाहते हैं, उसके लिए क्या कार्यवाही करनी है, कैसा मनोभाव और किस तरह का बदलाव करने की ज़रूरत है। कल्पना करें कि आप उसे कैसे करने वाले हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने फ़ोन के प्रयोग को सीमित करना चाहते हैं तो कल्पना में ही फ़ोन को बंद करते हुए और ऐसी जगह रखते हुए अपने आपको देखें जहाँ आप बार-बार न जाते हों। उसके बाद विचार करें कि अब जो समय आपको मिला है, उसमें आप क्या करना चाहेंगे? किस काम को करने से आपको आनंद मिलेगा जिससे आप अपने जीवन में अधिक सकारात्मकता महसूस करेंगे।

अभ्यास 2 - खुशियाँ मनाइए

अपनी प्राथमिकताएँ निश्चित करने के बाद (या फिर कुछ समय बाद) पुनः किसी सुविधाजनक जगह पर आराम से बैठ जाएँ और अपने जीवन की उन गतिविधियों को याद करें जिनसे आपको खुशी मिली हो। आपको किस चीज़ से खुशी मिलती थी, विशेषकर जब आप युवा थे? उन आनंददायक घटनाओं के बारे में आपकी क्या यादें हैं ? एक मित्र ने मुझे बताया कि उसे बचपन में पेड़ों पर चढ़ना अच्छा लगता था। इन साधारण स्मृतियों को पुनः याद करें और खुद को याद दिलाएँ कि दैनिक जीवन में खुशी कैसे लाई जाए।

और यदि संभव हो तो उनमें से कुछ गतिविधियों को फिर से करें। उदाहरण के लिए, यदि पक्षियों को देखने में आपको आनंद आता था तो आप स्थानीय पार्क में चिड़ियों को देखने के लिए जाएँ या किसी प्राकृतिक अभ्यारण्य में जाने की योजना बनाएँ। यदि आपको बचपन में नृत्य करना अच्छा लगता था तो कोई संगीत चलाकर नृत्य करें। यह इतना आसान है। यह आनंद को फिर से जीवंत करने के लिए है।


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दाजी

दाजी हार्टफुलनेसके मार्गदर्शक

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