कान्हा शांतिवनम् के वेलनेस सेंटर में कार्यरत डॉ. प्रसाद वेलुतनार तीन शारीरिक दोषों - वात, पित्त और कफ से जुड़ी कुछ आहार-विशेषताओं को बता रहे हैं। आपका दोष किस प्रकार का है? हममें से कई लोग दोषों का मिश्रण हैं, इसलिए हमें निम्नलिखित तालिकाओं में दिए गए प्रासंगिक गुणों को संयोजित करने की आवश्यकता है। अधिक सटीक निदान के लिए कृपया किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।
वात
अनुकूल स्वाद | मीठा, खट्टा, नमकीन |
गुण | गर्म, पौष्टिक, चिकना |
असर | गर्म |
फल | सेब, पपीता, केला, अंगूर |
सब्ज़ियाँ | कुछ ज़मीनी कंद, कुछ कच्ची सब्ज़ियाँ |
अनाज | लाल चावल, गेहूँ, काला चना, मोटा अनाज |
पेय | छाछ, गर्म सूप |
दुग्ध उत्पाद | दही, ताज़ा पनीर, मक्खन, छाछ, घी |
मसाले | मध्यम मात्रा में सेवन |
रसोई की जड़ी-बूटियाँ | हींग, इलायची, सौंफ़ |
दालें | संयमित मात्रा में, छोले से बचें |
सूखे मेवे | बहुत कम |
मीठा | खा सकते हैं |
वसा | तेल, घी, मक्खन |
सेवन से बचें | सूखे और ठंडे खाद्य पदार्थ, कार्बोनेटेड पेय |
सेवन का तरीका | थोड़ा-थोड़ा नियमित अंतराल में खाएँ |
पित्
अनुकूल स्वाद | मीठा, कड़वा, कसैला |
गुण | ठंडा, शक्तिशाली, भारी |
असर | ठंडा |
फल | कम खट्टे |
सब्ज़ियाँ | लौकी, तोरई, करेला, आदि तथा खीरा |
अनाज | लाल चावल, गेहूँ, जौ, सूजी, जई |
पेय | फलों का रस, कोल्ड ड्रिंक, नारियल पानी |
दूध उत्पाद | घी |
मसाले | लहसुन एवं हींग से बचें और आमतौर |
रसोई की जड़ी-बूटियाँ | धनिया, सोआ, पुदीना, सौंफ़ |
दालें | कुलथी दाल से बचें और चपटी फलियों |
मीठा | गन्ना, गुड़ |
वसा | घी, सरसों का तेल |
सेवन से बचें | तीखा मसालेदार भोजन और शराब |
सेवन का तरीका | सामान्य रक्त शर्करा को बनाए रखने |
कफ
अनुकूल स्वाद | तीखा, कड़वा, कसैला |
गुण | गर्म, शक्तिशाली, हल्का आहार |
असर | कम से मध्यम, केवल दिन के समय |
फल | सेब, खुबानी, बेरी फल, अनार |
सब्ज़ियाँ | लौकी, तोरई, आदि, प्याज, अदरक, |
अनाज | गेहूँ, जई, चावल और काली दाल से बचें |
पेय | सूप जिसमें अदरक, काली मिर्च, |
मसाले | सभी मध्यम मात्रा में अच्छे हैं, |
रसोई की जड़ी-बूटियाँ | तुलसी, मीठा नीम और पुदीना |
दालें | कम |
मीठा | शहद की सलाह दी जाती है |
सेवन से बचें | ठंडे मलाईदार खाद्य पदार्थ, मिठाई, कार्बोनेटेड और बहुत ठंडे खाद्य पदार्थ |
सेवन का तरीका | धीरे-धीरे खाएँ और अच्छी तरह चबाएँ |

डॉ. प्रसाद वेलुतनार
डॉ. प्रसााद ने केरला से आयुर्वेदााचाार्यय चिकित्सा की डिग्री प्रााप्त की। 22 वर्षों के अपने व्याावसाायिक कार्यकाल के दौराान उन्होंंने भाारत, मॉरिशस, मलेशिया, रूस एवंं मिस्र मेंं कार्य किया है। इस भाारतीय ज्ञाान को मिस्र मेंं ले जााने व फ... और पढ़ें
