जोश बुलरिस नकारात्मकता के माहौल में सकारात्मक बने रहने के लिए अपने सुझाव दे रहे हैं। ये सुझाव कार्यस्थल पर, जहाँ कभी-कभी तनाव बहुत अधिक होता है, विशेष रूप से उपयोगी हैं।
आपको लगता है कि आपका दर्द और आपका दिल टूटना दुनिया के इतिहास में अभूतपूर्व है, लेकिन फिर आप इतिहास पढ़ते हैं। यह दोस्तोएवस्की और डिकेंस ही थे जिन्होंने मुझे सिखाया कि जिन चीज़ों ने मुझे सबसे ज़्यादा पीड़ा दी वे वही चीज़ें थीं जो मुझे उन सभी लोगों से जोड़ती थीं जो तब जीवित थे या जो कभी जीवित थे। जब हम अपने अंदर इन पीड़ादायक घावों का सामना करते हैं, केवल तभी हम दूसरे लोगों के घावों को समझ सकते हैं। एक कलाकार एक तरह का भावनात्मक या आध्यात्मिक इतिहासकार होता है। उसकी भूमिका आपको यह जानने के फ़ायदे और नुकसान का एहसास कराना है कि आप कौन हैं और आप क्या हैं।
क्या आपने कभी अपने आपको नकारात्मकता से घिरे होने का अनुभव किया है, विशेषकर काम पर या कभी घर पर भी? यह निराशाजनक और थका देने वाला हो सकता है, खास तौर पर जब यह आपकी मनोदशा को प्रभावित करने लगता है। नकारात्मक माहौल चाहे एक व्यक्ति के कारण हो या कई लोगों के कारण, इन बुरी संवेदनाओं से हम आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन आप नकारात्मकता को खुद पर हावी न होने दें। इसके बजाय, आप अपनी सकारात्मकता को बनाए रखने के लिए अधिक सचेत दृष्टिकोण अपना सकते हैं। वर्तमान क्षण को ध्यान में रखकर, सार्थक लक्ष्य निर्धारित करके और केंद्रित रहकर आप नकारात्मकता से ऊपर उठ सकते हैं और अपना दृष्टिकोण उज्ज्वल रख सकते हैं। आपके आसपास चाहे जो भी हो रहा हो, हर परिस्थिति में आपको सकारात्मक बने रहने में मदद करने के लिए कुछ सुझाव और विचार प्रस्तुत हैं।

1. वर्तमान पल में रहें
अपनी सकारात्मकता को बरकरार रखने का सबसे अच्छा तरीका वर्तमान पर केंद्रित रहना है। अपने आसपास मौजूद नकारात्मकता में बह जाना आसान है, लेकिन सचेत रहना मदद कर सकता है। शिकायतों और नकारात्मकता से अभिभूत होने के बजाय इस बात पर ध्यान दें कि वर्तमान पल में क्या हो रहा है।
जब कोई शिकायत करते हुए बड़बड़ाने लगता है तब उसमें शामिल होने से खुद को रोकें। इसके बजाय, एक गहरी साँस लें और अपना ध्यान वापस उस काम पर ले आएँ जो आप उस समय कर रहे थे। सचेत रहकर आप नकारात्मकता में फँसने से बच सकते हैं और अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रख सकते हैं।

2. सकारात्मक पक्ष खोजें
कृतज्ञता नकारात्मकता के विरुद्ध आपका गुप्त हथियार है। जब सब कुछ गलत होता हुआ लगता है तब भी हमेशा कुछ न कुछ ऐसा होता है जिसके लिए हम आभारी हो सकते हैं। जीवन में कुछ ऐसी चीज़ों की पहचान करने की दैनिक आदत डालें जिनके लिए आप आभारी हैं। दूसरों के साथ अपनी बातचीत में उस कृतज्ञता के भाव को शामिल करें। किसी की कड़ी मेहनत के लिए एक साधारण ‘धन्यवाद’ कहने से या आभार व्यक्त करने से न केवल आपकी मनोदशा बेहतर हो सकती है, बल्कि कार्यस्थल का पूरा माहौल बदलने में भी मदद मिल सकती है।

3. अपनी ऊर्जा को संरक्षित करें
नकारात्मकता से अपनी ऊर्जा को खत्म न होने दें। उन लोगों से दूर रहें जो शिकायत ही करते रहते हैं। यदि बातचीत नकारात्मक हो जाती है तो धीरे से उसे किसी सकारात्मक विषय की ओर मोड़ दें या वहाँ से उठकर चले जाएँ।
पुनः ऊर्जित होने के लिए कुछ समय का विराम लेना भी महत्वपूर्ण है। कुछ ताज़ी हवा लेने के लिए बाहर निकल जाएँ या कुछ ऐसा करें जिसे करना आपको अच्छा लगता हो। अपनी देखभाल के ये छोटे-छोटे पल आपको अपने आसपास की नकारात्मकता से दूर रहने में मदद करते हैं।

किसी की कड़ी मेहनत के लिए एक साधारण ‘धन्यवाद’ कहने से या आभार व्यक्त करने से न केवल आपकी मनोदशा बेहतर हो सकती है, बल्कि कार्यस्थल का पूरा माहौल बदलने में भी मदद मिल सकती है। |

4. अपने लक्ष्यों पर दृष्टि बनाए रखें
जब कार्यस्थल का माहौल कठिन हो जाए तब खुद को याद दिलाएँ कि आप वहाँ क्यों हैं। अपने लक्ष्यों और अपने कार्य के प्रयोजन के बारे में सोचें। बड़ी तस्वीर को ध्यान में रखने से आपको प्रेरित और केंद्रित रहने में मदद मिलती है, तब भी जब रोज़मर्रा की चुनौतियाँ सामने आती हैं।
यह दृष्टिकोण आपको यह याद रखने में मदद करता है कि नकारात्मकता आपकी यात्रा का केवल एक छोटा सा हिस्सा है और शायद दृढ़ता का एक सबक भी है। अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर केंद्रित रहकर आप सकारात्मक रह सकते हैं और आगे बढ़ते रह सकते हैं।

5. चिंतन करें और समायोजित हों
खुद को जाँचने के लिए समय निकालें। इस बात पर विचार करें कि आप नकारात्मकता से कैसे निपटते हैं और अपने दृष्टिकोण को बेहतर बनाने के लिए आप क्या बदलाव कर सकते हैं। अपनी प्रतिक्रियाओं के बारे में खुद के साथ ईमानदार होने से और अपने दृष्टिकोण को समायोजित करने से आप ज़्यादा संतुलित और सकारात्मक रह सकते हैं। आत्म-चिंतन आपको यह समझने में मदद करता है कि क्या उपयोगी है और क्या नहीं ताकि आप अपनी सकारात्मक मानसिकता को अपना सकें और बनाए रख सकें।

6. सकारात्मक संबंध बनाएँ
ऐसे सहकर्मियों के साथ संबंध रखें जो सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हों। ऐसे लोगों की संगति में रहने से, जो उत्साहित और सहायक हों, बहुत फ़र्क पड़ सकता है। ऐसे सहकर्मियों से जुड़ें और ऐसे रिश्ते बनाएँ जो आपको ऊपर उठाएँ। जब पूरा वातावरण उदासी भरा लगता है तब सकारात्मक लोगों से आपको वह प्रोत्साहन मिलता है जिसकी उस समय बहुत ज़रूरत होती है। ये संबंध आपको याद दिला सकते हैं कि सकारात्मकता संभव है और ये आपको अच्छे कार्यों पर केंद्रित रहने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष
नकारात्मक माहौल में सकारात्मक बने रहना हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन सही उपायों से इसे हासिल किया जा सकता है। सचेत रहने, कृतज्ञ होने, अपनी ऊर्जा को बचाने, अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने, अपने दृष्टिकोण पर विचार करने और सकारात्मक संबंध बनाने से आप अपना उत्साह बनाए रख सकते हैं। भले ही कार्यस्थल पर समग्र रूप से माहौल बहुत अच्छा न हो, फिर भी आपकी सकारात्मकता अपना प्रकाश बिखेर सकती है और आपके और बाकी सभी के दिन-प्रतिदिन के अनुभव में बहुत अंतर ला सकती है।

जोश बुलरिस
जोश पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र हैं जिन्होंंने फ़ोटोोग्राफ़ी की शिक्षा स्वयंं प्राप्त की थी। वे बुद्ध की मूर्तियों के मनोरम चित्रोंं के लिए जााने जााते हैं। उनके चित्रोंं ने कई किताबोंं और पत्रिकाओं के मुखपृष्ठ की शोभा बढ़ाई है। उनकी फ़ोटोग्राफ़ी कल... और पढ़ें
