इचक अडीज़ेस बताते हैं कि परिवर्तन, समस्याएँ और समाधान क्यों एक-दूसरे से जुड़े हैं। वे इस विषय पर भी बात कर रहे हैं कि नेतृत्वकर्ता का असली काम एक ऐसी संस्था बनाना है जो लगातार रहने वाले तनाव के बीच भी प्रगति कर सके।
मैंकोई नई बात नहीं कह रहा हूँ कि चीज़ें बदलती रहती हैं। लेकिन जब परिवर्तन होता है तब क्या होता है?
परिवर्तन में हमेशा कुछ नया होता है। और बहुत लोग उस ‘नए’ को समस्या की तरह देखते हैं और पूछते हैं, “अब हम क्या करेंगे?”
मुझे बताया गया है कि चीनी भाषा में ‘समस्या’ और ‘अवसर’ के लिए एक ही शब्द है। इसी वजह से मैंने ‘ऑपॉरथ्रेट’ (Opporthreat - opportunity + threat यानी अवसर और खतरा) शब्द बनाया। इसका मतलब क्या है? यह आपको तय करना है। आप नई घटना को समस्या मानना चाहते हैं या अवसर? यह आप पर निर्भर है। कुछ लोग केवल समस्याएँ देखते हैं जबकि कुछ अवसर देखते हैं। लेकिन हर समस्या वास्तव में कुछ नया सीखने का अवसर होती है। यह किसी समस्या को हल करने का अवसर है।
मैंने एक बार एक उक्ति देखी - “जो व्यक्ति खुद को बुद्धिमान समझता है, वह अज्ञानी है और जो खुद को अज्ञानी मानता है, वह वास्तव में बुद्धिमान है।” यदि आप लगातार सीखते रहते हैं तो हर समस्या आपको कुछ नया सीखने का अवसर देती है।
समस्या कैसे हल होती है?
आपको निर्णय लेना पड़ता है कि क्या करना है। लेकिन केवल यही पर्याप्त नहीं है। यही आज के नेतृत्व-प्रशिक्षण में कमी है। उन्हें अच्छे निर्णय - विपणन निर्णय, वित्तीय निर्णय - लेना तो सिखाया जाता है लेकिन उन्हें लागू करना नहीं सिखाया जाता। किसी निर्णय को लागू करने के लिए आपको हितधारकों से बातचीत करनी पड़ती है। इसे राजनीति कहते हैं। लेकिन बिज़नेस स्कूलों में राजनीति नहीं सिखाई जाती।
जब आप किसी समस्या का समाधान कार्यान्वित करते हैं या किसी अवसर का फ़ायदा उठाते हैं तब क्या होता है? समाधान के कारण परिवर्तन होता है। यानी समाधान एक नई समस्या को जन्म देता है।
समस्याएँ कब खत्म हो सकती हैं? जब आप बदलना बंद कर देते हैं, जब आप जीना बंद कर देते हैं।
नेतृत्व करने के लिए आपको परिवर्तन का संचालन करना आना चाहिए। लेकिन परिवर्तन को अच्छी तरह संचालित करने और असाधारण परिणाम पाने के लिए आपकी संस्था स्वस्थ होनी चाहिए क्योंकि ऊर्जा सीमित होती है। यदि आप अपने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं लेकिन संस्था में ऊर्जा नहीं है तो कुछ नहीं होगा। यदि संस्था अस्वस्थ है तो आपकी सबसे अच्छी योजनाएँ भी काम नहीं करेंगी।
नेतृत्व का उद्देश्य यही है कि एक ऐसी स्वस्थ संस्था बनाई जाए जो असाधारण परिणाम दे सके।
यदि आप लगातार सीखते रहते हैं तो हर समस्या आपको कुछ नया सीखने का अवसर देती है।

