इस वर्ष के प्रारंभ में टेक्सास के ऑस्टिन शहर में एस.एक्स.एस.डब्ल्यू (SXSW) फ़ूड टैंक कार्यक्रम में अवनी कुप्पुसामी करुणा रावल से मिलीं और उनका साक्षात्कार लिया। करुणा बताती हैं कि कैसे उनकी कंपनी, ‘नेचर्स फ़ाइंड’ (Nature’s Fynd), ने कवक (fungus) से अधिक प्रोटीन और अधिक फ़ाइबर वाले खाद्य पदार्थ बनाने की पहल की है। वह इस पृथ्वी को बिना कोई नुकसान पहुँचाए और बिना ऊँचे दामों के संधारणीय कृषि पद्धतियाँ उपलब्ध करा रही है।
प्र. - नमस्ते करुणा, आपका स्वागत है। क्या आप हमें नेचर्स फ़ाइंड के अद्भुत उद्भव की कहानी के बारे कुछ बताएँगी?
दरअसल, नेचर्स फ़ाइंड को ‘नासा’ की एक शोध परियोजना के रूप में शुरू किया गया था। उस समय हमारे मुख्य विज्ञान अधिकारी मोंटाना राज्य में स्नातक की पढ़ाई कर रहे थे और वे नासा के लिए कुछ कार्य कर रहे थे। वे नासा को यह समझने में मदद कर रहे थे कि अत्यंत कठोर पर्यावरण में, जैसे पृथ्वी से दूर, जीवन को पनपने के लिए किस प्रकार की स्थितियों की ज़रूरत होगी। यह खोज उन्हें येलोस्टोन नेशनल पार्क ले गई जहाँ की पारिस्थितिकी बहुत अनोखी है। वहाँ एक बहुत बड़ा ज्वालामुखी है और वहाँ ज्वालामुखीय उष्णोत्स (geysers) में उन्होंने एक अतिसूक्ष्म कवक (fungi) खोज निकाली – जो न तो वनस्पति थी, न ही पशु बल्कि तीसरी दुनिया का हिस्सा थी और यह खोज असाधारण सिद्ध हुई। उसमें 50% प्रोटीन, 30% फ़ाइबर के साथ कुछ विटामिन एवं खनिज तत्व थे। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वह बहुत कम संसाधनों के साथ कठिन परिस्थितियों में भी पनप रही थी।
इस चीज़ ने उन्हें इसके बारे में और अधिक शोध करने के लिए प्रेरित किया। और कंपनी ने एक तकनीक, जिसे “द्रव वायु इंटरफ़ेस किण्वन” (liquid air interface fermentation) कहते हैं, का आविष्कार किया। यह हमें प्रोटीन विकसित करने में मदद करती है। हमने येलोस्टोन से एक नमूना लिया और हमें वहाँ फिर कभी नहीं जाना पड़ा। उस नमूने का उपयोग जामन की तरह करके हम दुनिया के लिए एक विशुद्ध और नया प्रोटीन बनाने में सफल हुए। हम शिकागो में ट्रे व खमीर का उपयोग करके प्रोटीन पैदा करते हैं। हर तीन से चार दिन में हम नया प्रोटीन बना लेते हैं। हमने माँस और दूध रहित खाद्य पदार्थ बनाए हैं। हमने तीन अलग तरह के उत्पाद तैयार किए हैं। हमने इन्हें ‘होल फ़ूड्स’, ‘स्प्राउट्स फ़ार्मर्स मार्केट’ और कुछ अन्य क्षेत्रीय खुदरा बाज़ारों में बेचना शुरू किया है।
हमने वहाँ से एक छोटा सा नमूना लिया था और उसे विकसित करके बढ़ाया। यह संधारणीय खाद्य पदार्थ है। इसे हम 90% कम ज़मीन और 90 से 95% कम पानी का उपयोग करके तैयार करते हैं। कवक को बढ़ने में सामान्यतः बहुत कम ऊर्जा की ज़रूरत होती है – वे मात्र 6% ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करते हैं। इसमें हम पशुपालन की तुलना में संसाधनों का एक छोटा-सा अंश ही उपयोग करते हैं।
प्र. - क्या आप हमें कवक-प्रोटीन के पोषण-संबंधी लाभ और पोषण-संबंधी परिस्थितियाँ बता सकती हैं?
कवक के बारे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उनका प्रोटीन पूर्णतः वीगन (पशु उत्पादों रहित) है और इस तरह का प्रोटीन मिलना दुर्लभ है। इसमें हमारी ज़रूरत के सारे अमीनो अम्ल होते हैं जिसमें शाखित-श्रृंखला एमीनो अम्ल (branched-chain amino acids) भी शामिल हैं। जैसा कि मैंने बताया था कि इनमें 50% प्रोटीन और 30% फ़ाइबर होता है। ऐसा खाद्य पदार्थ मिलना मुश्किल है जिसमें ये दोनों उपलब्ध हों। पशुओं से मिलने वाले खाद्य में प्रोटीन तो बहुत होता है लेकिन फ़ाइबर नहीं होता। वनस्पति प्रोटीन में बहुत अधिक प्रोटीन का होना बहुत मुश्किल है लेकिन उसमें आपको फ़ाइबर बहुतायत में मिलता है। कवक में इन दोनों जगत की अच्छी बातें मिल जाती हैं। फिर शोध यह बताता है कि इस फ़ाइबर में बीटा-ग्लुकॉन्स होते हैं। इसमें प्रिबॉयोटिक फ़ाइबर होता है जो आपके पाचन और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए बहुत अच्छा है।
कवक के स्वास्थ्य लाभों के बारे में हमारी समझ अभी बहुत ही प्राथमिक स्तर की है। वास्तव में इसमें प्रोटीन और फ़ाइबर का घनत्व काफ़ी अधिक होता है। कवक में वसा भी बहुत कम होती है। इसलिए हम अपने अन्य खाद्य पदार्थों को एक ऐसी चीज़ से बदल सकते हैं जो कुल मिलाकर पोषण के दृष्टिकोण से उनसे बेहतर है।
कवक का प्रोटीन पूर्णतः वीगन (पशु उत्पादों रहित) है और इस तरह का प्रोटीन मिलना दुर्लभ है। इसमें हमारी ज़रूरत के सारे अमीनो अम्ल होते हैं जिसमें शाखित-श्रृंखला एमीनो अम्ल (branched-chain amino acids) भी शामिल हैं।
प्र. - नेचर्स फ़ाइंड को कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
सबसे पहली चुनौती तो कवक को विकसित करने के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करना था क्योंकि हम कोई आनुवांशिक परिवर्तन (genetic modification) नहीं करते हैं। उसके बाद यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत काम करना पड़ा कि हम जो प्रोटीन विकसित करें उसका अपना कोई रंग और स्वाद न हो। इसके बाद हमारे खाद्य वैज्ञानिक इस बिना रंग और स्वाद वाले आधार में प्रोटीन के अन्य गुणों, जैसे स्वाद, को जोड़कर उसकी क्षमता बढ़ाते हैं। इस क्षेत्र में किसी भी कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पैमाना बढ़ाना है - हम अपने लघु पैमाने के उत्पादन को किस तरह बड़े पैमाने के उत्पादन तक पहुँचा सकते हैं ताकि इसे अधिक से अधिक खुदरा दुकानों तक पहुँचा सकें?
प्र. - इसी बात पर आगे बढ़ते हैं। पैमाना बढ़ाते हुए आप उत्पादन और वितरण को बढ़ाने से पर्यावरण पर पढ़ने वाले प्रभाव का ध्यान कैसे रखते हैं?
कवक को प्रोटीन के लिए उपयोग करने की सबसे अच्छी बात यह है कि उनके लिए किसी विशेष खाद्य की ज़रूरत नहीं होती। उन्हें उगाने के लिए हम विभिन्न प्रकार के शर्करा और स्टार्च के स्रोतों का उपयोग करते हैं। हम विश्व के अलग-अलग भागों में पाई जाने वाली स्थानीय शर्करा का उपयोग कर सकते हैं। चूँकि हमें बहुत ज़्यादा विस्तार नहीं चाहिए, हमारा लक्ष्य है कि अंततः प्रोटीन का उत्पादन स्थानीय स्तर पर किया जाए। इससे हमें विश्व के एक देश से दूसरे देश या किसी देश के एक स्थान से दूसरे स्थान तक इसे लाने ले-जाने में ऊर्जा व्यय नहीं करनी पड़ेगी।
इसलिए हम इस बात का प्रयास कर रहे हैं कि किस प्रकार से खमीर उठाने के काम का विकेंद्रीकरण किया जाए ताकि जहाँ इसकी ज़रूरत है, वहीं स्थानीय सामग्री का उपयोग करके इसे विकसित किया जा सके, विशेष रूप से आपदाग्रस्त क्षेत्र या ऐसे क्षेत्र में जहाँ भोजन में प्रोटीन पाना कठिन है। हम बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन के साथ काम कर रहे हैं और हमें खमीर उठाने का कार्य विकेंद्रित रूप से करने के लिए अनुदान प्राप्त है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उप-सहारा अफ़्रीका एवं एशिया के देशों में किस तरह से प्रोटीन बनाया जा सकता है। वहाँ हम प्रोटीन बनाने के लिए स्थानीय कृषकों के पास उपलब्ध सामग्री का ही उपयोग कर रहे हैं।
इसके संभावित परिणाम के बारे में ज़रा सोचिए! किसी खाद्यान्न के उत्पादन और उसे उपभोक्ता तक पहुँचाने में बहुत सी ऊर्जा की खपत होती है। यदि हम उपभोक्ताओं के निवास के नज़दीक उत्पादन कर सकें तो न तो अपशिष्ट जल धाराएँ होंगी और न ही प्रदूषण होगा। हम शिकागो शहर के केंद्र से दस मिनट की दूरी पर कार्य कर रहे हैं। हम इसे शहरी वातावरण में या फिर एक ग्रामीण वातावरण में भी कर सकते हैं। अधिकतर पशुपालन उन क्षेत्रों में होता है जहाँ काफ़ी ज़्यादा भागा-दौड़ी और प्रदूषण होता है जबकि हम अपने प्रोटीन का उत्पादन लोगों के रिहाइशी इलाके में और बहुत स्वच्छ तरीके से करते हैं।

प्र. - नेचर्स फ़ाइंड अपने उत्पाद के विकास में स्वाद संबंधी नवीनता लाने के लिए किस प्रकार काम करता है?
भोजन में स्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे पास कई खाद्य वैज्ञानिक हैं जिनमें से कुछ वैज्ञानिकों को सबसे बड़ी खाद्य कंपनियों में काम करने का अनुभव है। वे स्वाद रसायनज्ञ हैं। हम ऐसे स्वाद आपूर्तिकर्ताओं व भागीदारों के साथ भी काम करते हैं जो हमें नवीनतम स्वादों को समझने में मदद करते हैं। हमारे लिए सबसे ज़्यादा सीखने वाली बात यह है कि दूसरे खाद्य पदार्थों में उपयोग होने वाले स्वादों का प्रयोग करके यह देखना है कि इस नए प्रोटीन पर उनका प्रभाव कैसा है, एक ऐसा प्रोटीन जिस पर आज तक किसी ने काम नहीं किया है।
हम खाद्य उद्योगों की प्रदर्शनियों में जाते हैं ताकि हम स्वाद के नए उभरते चलन को जान सकें और उनको अपने कार्य में शामिल कर सकें। हमारी सफलता का एक बड़ा घटक स्वाद है, इसीलिए हमने अपनी कंपनी में ऐसे बहुत से लोगों को रखा है जो इस पक्ष को समझते हैं।

हमने हाल ही में डेयरी-मुक्त दही शुरू किया है जिसमें आठ ग्राम प्रोटीन और चार ग्राम फ़ाइबर है जो इसे एक पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ बनाता है। यह स्वादिष्ट भी है।
प्र. - कवक-प्रोटीन के लाभों के बारे में ग्राहकों को शिक्षित करने के लिए नेचर्स फ़ाइंड क्या कार्यनीति अपनाता है?
हम खाद्यान्न, खाद्यान्न और जलवायु, कृषि तकनीक, खाद्य तकनीक इत्यादि से संबंधित सम्मेलनों में भाग लेते रहते हैं। हम लोगों को सार्वजनिक वार्ताओं, शिक्षा, नमूना वितरण आदि के द्वारा अपने उत्पाद के बारे में बता रहे हैं। हम ग्राहकों के लिए सोशल मिडिया पर भी बहुत-कुछ करते हैं ताकि कवक के पोषण संबंधी लाभों के बारे में उन्हें लगातार शिक्षित करते रहें। हाल ही में लोगों ने इसमें काफ़ी रुचि दिखाई है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी लोग इसके पोषण संबंधी लाभों को समझें। हम समाचारपत्रों में भी इस विषय पर अधितकतम संभव लेख प्रकाशित करवाने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा हम अपनी पैकेजिंग पर भी ध्यान देते हैं। आप हमारी वेबसाइट पर उत्पाद की कहानी और उसके महत्व को देखेंगे।
हम इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मार्केटिंग के हर एक तरीके का इस्तेमाल करते हैं। यह लोगों को सिर्फ़ कवक के बारे में शिक्षित करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि जो भोजन वे करते हैं, हम उसके और जलवायु परिवर्तन के परस्पर संबंध के बारे में भी शिक्षित करते हैं। बहुत से लोग जलवायु कार्यकर्ता तो हैं लेकिन सभी खाद्य पदार्थों के बारे में नहीं सोचते। खाद्य पदार्थ और कृषि उद्योग का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में प्रमुख योगदान है। केवल भोजन करने के तरीकों में परिवर्तन लाने से पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
प्र. - क्या आप अपने किसी आने वाले नए उत्पाद के बारे में या किसी उत्पादन में विस्तार के संबंध में या किसी वर्तमान उत्पाद के बारे में कुछ बता सकती हैं?
मैं यह तो नहीं बता सकती कि अभी नया क्या आनेवाला है लेकिन अभी हमारे पास माँसरहित सॉसेज है जो पोर्क सॉसेज की नकल है। इसमें उतना ही प्रोटीन है लेकिन वसा की मात्रा बहुत कम है। हमारे पास दुग्ध रहित क्रीम चीज़ है जो दो विभिन्न स्वादों में उपलब्ध है, देखने में डेयरी से मिलता-जुलता है और उसमें डेयरी के कुछ लक्षण व तीखा स्वाद भी है। इसकी चिकनाई को लोग वाकई में पसंद करते हैं। यह डेयरी से उस हद तक मिलता-जुलता है कि आप भेद नहीं कर सकते कि यह डेयरी उत्पाद है या नहीं। हमने हाल ही में डेयरी-मुक्त दही शुरू किया है जिसमें आठ ग्राम प्रोटीन और चार ग्राम फ़ाइबर है जो इसे एक पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ बनाता है। यह स्वादिष्ट भी है।
हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता यही है कि इसे अधिक से अधिक स्वादिष्ट कैसे बनाएँ। हम जानते हैं कि स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए संपोषणीय खाद्य पदार्थों में रुचि रखने वाले ग्राहक शायद उत्सुकतावश इसे एक बार आज़माएँ लेकिन यदि इसका स्वाद अच्छा नहीं होगा तो वे इसे दोबारा नहीं खरीदेंगे।
प्रोटीन तरह-तरह के रूपों में उपलब्ध है। माँस और डेयरी के विकल्पों के अलावा हम एक पाउडर भी बनाते हैं जिससे ब्रेड, पास्ता और प्रोटीन पाउडर जैसी चीज़ें बनाई जा सकती हैं। इस प्रकार बहुत सारे नवीन उत्पादों की विकास-प्रक्रिया जारी है और अगले उत्पाद का निर्णय लेने के लिए हमारे सामने बहुत सारी श्रेणियाँ हैं। हम अपने उत्पादों की वर्तमान श्रेणियों को नए स्वादों के साथ ला रहे हैं।
हम पहले से ही नाश्ते, दोपहर के भोजन, रात के भोजन और मीठे के लिए विकल्प दे सकते हैं – कम से कम एक या शायद उससे ज़्यादा - जो आपके प्रोटीन ग्रहण करने की मात्रा को बढ़ाते हैं। मेरे काम का एक हिस्सा यह देखना भी है कि हम अगली चीज़ क्या बाज़ार में लाने वाले हैं। अभी हमारे पास बाज़ार में तीन महत्वपूर्ण श्रेणियाँ हैं और खुदरा व्यापारी देखना चाहते हैं कि ग्राहकों की इनमें कितनी रुचि है। इसके बाद हम कई और उत्पाद लाएँगे।
प्र. - आपके विचार में पर्यावरण परिवर्तन की ज़रूरत को पूरा करने में नेचर्स फ़ाइंड जैसी कंपनियों की क्या भूमिका है?
मुझे लगता है कि उनकी बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है। जिस तरीके से आज हम खाद्य पदार्थों का उत्पादन कर रहे हैं, उसका पर्यावरण पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। और खाद्य तंत्र ऐसी चीज़ है जिस पर प्रत्येक व्यक्ति प्रभाव डाल सकता है। आप और मैं अगले ऊर्जा कारखाने के निर्माण पर या परिवहन पर कोई गहरा प्रभाव डालने वाले नहीं हैं। हम लोग प्रति वर्ष कार भी नहीं खरीदते लेकिन एक दिन में तीन से पाँच बार क्या खाना है इसका चुनाव हम ज़रूर करते हैं। हममें से प्रत्येक व्यक्ति छोटे-छोटे परिवर्तन कर सकता है जैसे माँसाहार विहीन सोमवार या पशु-आधारित उत्पादों को कम खाना और अन्य विकल्पों का चयन करना। यह पृथ्वी पर हमारे नकारात्मक प्रभाव को कम करेगा।
जिन पशुओं का हम उपभोग करते हैं उनके पालन के लिए ज़मीन और जल की कमी हो रही है। यह व्यवस्था ठीक नहीं है। इसलिए ग्राहकों के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए हमारी जैसी अनेक कंपनियों की ज़रूरत है। इस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक ही रास्ता है कि हम सब बदलाव लाने की कोशिश करें। यदि जलवायु परिवर्तन के रहते, हम सौ करोड़ लोगों को खाना खिलाना चाहते हैं तो हमें अपने भोजन करने के तरीके को बदलना होगा और हम इसी लक्ष्य को पूरा करने में लगे हुए हैं।
प्र. - आपके अनुसार नेचर्स फ़ाइंड की गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता क्या भूमिका अदा करती है?
आपका यह पूछना दिलचस्प है क्योंकि आज सुबह ही मैंने अपनी टीम को एक संदेश भेजा है जिसमें कहा गया है, “सामुदायिक सहभागिता हमारे काम के मुख्य स्तंभों में से एक है।” अगली पीढ़ी के ग्राहकों - आप जैसे लोग जो कॉलेजों में हैं, मुख्य तौर पर जेन ज़ी - के कारण काफ़ी बदलाव आएँगे। जो मैं देख और सुन रही हूँ, उसके आधार पर मैं बहुत आशावादी हूँ कि यही वह पीढ़ी है जो परिवर्तन लाएगी। अतः उन युवा ग्राहकों, जो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हैं, के साथ समुदाय का निर्माण करना महत्वपूर्ण है। यहाँ हम बहुत से परिवर्तनों की अपेक्षा करते हैं।
युवा पर्यावरण कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ना हमारी प्राथमिकताओं में से एक है। एक वीगन समुदाय भी है जिससे हम बात करते हैं और आहार विशेषज्ञ तथा पोषणविद् समुदाय के साथ भी हम संपर्क में हैं। इस प्रकार हम अपने संदेश को लोगों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न समुदायों के साथ भागीदारी करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनके संदेशों का भी प्रचार कर रहे हैं क्योंकि हम इस पृथ्वी एवं लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और हमारे स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए अच्छे खाद्य पदार्थ बनाना चाहते हैं। उन समुदायों का लोगों पर काफ़ी प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि वे एक बेहतर खाद्य व्यवस्था के समर्थक हैं। अनेक लाभ-निरपेक्ष संगठन हमारे भागीदार हैं जो पृथ्वी के लिए बेहतर विकल्पों को चुनने का संदेश देते हैं।
प्र. - क्या आप विस्तार से बता सकती हैं कि नेचर्स फ़ाइंड अपने पूरे अभियान को आगे बढ़ाने में तकनीक और नवीन खोजों का किस प्रकार लाभ उठाता है?
यह कंपनी खमीर उठाने की तकनीक पर आधारित है जो कवक का छोटा-सा नमूना लेकर विशुद्ध नए प्रोटीन पैदा करती है। इसलिए हमारी तकनीक और नवीन खोज का हमारे कार्य में कुल मिलाकर बहुत योगदान है। हमारे साथ बहुत से डेटा वैज्ञानिक जुड़े हैं जो विभिन्न स्थितियों की जाँच करते हैं जिससे कवक को सही तरीके से उगाया जा सके। हम अमेज़न या आईकिया जैसे खुदरा गोदामों की तकनीक का उपयोग भी करते हैं। हम अपने गोदामों में ट्रे को लाने-ले जाने, उन्हें भरने, कक्ष में रखने और उन्हें हटाने के लिए स्वचालित निर्देशित वाहनों का उपयोग करते हैं। निश्चित तौर पर खाद्य पदार्थ विकास के क्षेत्र में, वांछित उत्पाद प्राप्त करने के लिए विभिन्न सामग्रियों को अनुकूलित करने के तरीकों में नवीन खोजों और तकनीक का उपयोग होता है।
प्र. - पारंपरिक डेयरी और माँस के विकल्पों के बारे में लोगों के दृष्टिकोण को बदलने के लिए आप क्या करते हैं?
सबसे ज़्यादा तो स्वादिष्ट उत्पादों को उपलब्ध कराना ताकि लोगों को यह न लगे कि उन्हें कोई समझौता या त्याग करना पड़ रहा है। मैंने खाद्य और पेय पदार्थों के विपणन में अनेक वर्ष बिताए हैं। मैंने देखा है कि लोग भले ही यह कहें कि वे स्वास्थ्यवर्धक चीज़ें खाना चाहते हैं और इस तरह से खाना चाहते हैं जो पृथ्वी के लिए बेहतर हो, लेकिन अंततः यह निर्णय उत्पाद के स्वाद और गढ़न के आधार पर ही होता है।
हम लोगों की प्रतिक्रिया “मुझे यह क्यों खाना चाहिए,” को “मैं यही क्यों न खाऊँ, इसका स्वाद बहुत अच्छा है” में बदलना चाहते हैं। हम उन्हें विश्वास दिलाना चाहते हैं कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर है और यह पृथ्वी के लिए भी बेहतर है। वे कुछ छोड़ नहीं रहे हैं, है न? यह मानते हुए कि कीमत में भी यह किफ़ायती है, वे परिवर्तन करना क्यों नही चाहेंगे? खाद्य पदार्थों के इतिहास के बारे में सोचें तो आरंभ में बहुत सारे खाद्य पदार्थ कुछ विशेष संस्कृतियों के अलावा लोगों को अजीब से लगते थे जैसे सुशी, चॉकलेट, दही। जब इन्हें अन्य लोगों के सामने पेश किया गया तो इन्हें स्वीकारने में उन्हें समय लगा। मनुष्यों को इस तरह के नए खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना पड़ा है। और मुझे लगता है कि यह चयन माँस या दुग्ध उत्पादों के जैसे स्वाद के बारे में कम और इस बारे में ज़्यादा है - “क्या यह उत्पाद मेरे लिए उस पोषण की पूर्ति करता है जिसकी मुझे ज़रूरत है? क्या इसका स्वाद बढ़िया है? क्या मैं कुछ ऐसा कर रहा हूँ जिसके बारे में मैं अच्छा महसूस करता हूँ?” जब उत्पाद में ये सभी गुण होंगे तो लोग अपने आहार में परिवर्तन लाना चाहेंगे।

प्र. - क्या आप सफलता की कुछ कहानियाँ हमें बता सकती हैं?
हमारे लिए सबसे बड़ी सफलता एक ही प्रोटीन से माँसरहित व दुग्धमुक्त खाद्य पदार्थों का उत्पादन है। प्रोटीन का मुख्य आधार बनाना हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर रहा है। इससे हम विभिन्न खाद्य पदार्थ बना पाते हैं। हम जानते हैं कि भोजन व्यक्तिगत है, यह भावनात्मक है और यह सांस्कृतिक भी है। जो खाद्य पदार्थ अमेरिका में लोग पसंद करते हैं, ज़रूरी नहीं कि एशिया में भी लोग वही खाएँ। हमारे पास प्रोटीन का यह मुख्य आधार है जिससे हम क्षेत्रीय भोजन, जातीय व्यंजन और विभिन्न प्रकार के बनावट व स्वाद वाले पदार्थ बना सकते हैं। इसलिए ज़्यादा लोग इसे स्वीकार कर सकेंगे। हमारे पास एक बिना अपने कोई विशेष रंग और स्वाद वाला आधार है।
यह दिखा पाना कि हम स्वादिष्ट खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थ बनाते हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर होल फ़ूड्स में उपलब्ध हैं, कोई आसान काम नहीं है। हमारी तीनों श्रेणियाँ वहाँ मौजूद हैं और हमारे खुदरा भागीदार हमारे ब्रांड के विकास की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं। हमारे पाककला सलाहकार एक 3 स्टार मिशेलिन शेफ़, एरिक रिपेर हैं जो हमारी मदद करने में खुश हैं। उन्हें वो संभावनाएँ दिखाई देती हैं और उन्होंने हमारे प्रोटीन को ‘ले बेर्नार्दिन’ में अपनी व्यंजन-सूची में स्थान दिया है। आगामी महीनों में हम कुछ अन्य शेफ़ के साथ भी भागीदारी करने जा रहे हैं। अंत में, हमने करके दिखाया है कि हम इस प्रोटीन को पृथ्वी पर और अंतरिक्ष में विभिन्न परिस्थितियों में विकसित कर सकते हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि भविष्य में अंतरिक्ष की यात्रा में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए इसके क्या निहितार्थ हो सकते हैं जिनके लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है। यदि वे कुछ ऐसी साधारण चीज़ को उगा सकें जिससे विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ बन सकें तो यह कितना रोमांचक होगा। ये हमारी कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
प्र. - नेचर्स फ़ाइंड के साथ लोग और संगठन कैसे जुड़ सकते हैं और इस अभियान में कैसे योगदान दे सकते हैं?
सबसे सरल तरीका तो हमारे उत्पाद खरीदना है क्योंकि हमारे जैसे ब्रांड की सफलता के लिए यह आवश्यक है। खुदरा विक्रेताओं को यह महसूस होना चाहिए कि ग्राहकों की इन उत्पादों के लिए माँग है। पूर्व में मैंने बहुत बड़ी कंपनियों में, विपणन के बड़े बजट के साथ काम किया है। लेकिन हमारा बजट बहुत कम है। अत: हम नमूना वितरण पर केंद्रित हैं ताकि लोग हमारे उत्पादों को चख सकें क्योंकि हम मानते हैं कि उनकी सोच परिवर्तित करने का यही सबसे प्रभावी तरीका है।
एक नए ब्रांड के रूप में लोगों को अपने बारे में जानकारी देना, उनमें जागरूकता बनाना और उनकी प्रतिक्रिया का परीक्षण करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। इसलिए जब लोग हमारे उत्पादों को आज़माते हैं, हमारे बारे में दूसरों को बताते हैं, हमारे उत्पादों का प्रचार करते हैं तो इससे हमें मदद मिलती है। चाहे यह ‘फूड टैंक’ की तरह किसी लाभ-निरपेक्ष संस्था के माध्यम से हो या फिर कॉलेज और विश्वविद्यालय के माध्यम से हो, यह सब इस कार्य में तेज़ी लाने में मदद करता है क्योंकि हमारे पास बड़े-बड़े खाद्य ब्रांडों की तरह अधिक धनराशि नहीं है।
प्र. - क्या आप कुछ और कहना चाहेंगी?
हमारी वेबसाइट
www.naturesfynd.com पर बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके साथ बात करके अच्छा लगा और मैं बहुत खुश हूँ कि आप अपने पाठकों को हमारी कहानी बता रही हैं।
हमारे लिए सबसे बड़ी सफलता एक ही प्रोटीन से माँसरहित व दुग्धमुक्त खाद्य पदार्थों का उत्पादन है। प्रोटीन का मुख्य आधार बनाना हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर रहा है। इससे हम विभिन्न खाद्य पदार्थ बना पाते हैं।

करुणा रावल
करुणा नेचर्स फ़ाइंड में मुख्य विपणन अधिकारी और मुख्य राजस्व अधिकारी हैं। वे एक कुशल ब्रांड निर्माता और ... और पढ़ें
