हृदयपूर्ण श्रोता की श्रृंखला के भाग में रवि वेंकटेशन बताते हैं कि कैसे हृदय से सुनना हमारी समानुभूति के इरादे को क्रियात्मक रूप में बदल सकता है।

 

हलवे का स्वाद खाने से ही पता चलता है।”

च्छे इरादे से भी किए गए काम में गलती हो सकती है। भले ही हम आंतरिक अवस्था को समायोजित कर लें, समानुभूति विकसित कर लें और पूरी दिलचस्पी भी लें, लेकिन यदि हम इन गुणों को अपने व्यवहार में नहीं उतारते तो हम अच्छे श्रोता नहीं बन सकते।

सुनना केवल एक मन की अवस्था या हृदयपूर्ण इरादा ही नहीं है, इसे दूसरों के साथ हमारे व्यवहार में झलकना चाहिए। हृदयपूर्ण श्रोता श्रृंखला के इस खंड में हम उन चार महत्वपूर्ण व्यवहारों के बारे में जानेंगे जिनसे सुनने की क्रिया जीवंत बन जाती है -

  • सजग ध्यान
  • चिंतनशील प्रत्युत्तर
  • नैतिक विचार
  • सांस्कृतिक जागरूकता

 

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ये सभी उन आंतरिक गुणों को स्पष्टतः अभिव्यक्त करते हैं जिनके बारे में हमने भाग 4 में जाना था - समानुभूति, ग्रहणशीलता, उपस्थिति और सच्ची रुचि।

सजग ध्यान - पूरी तरह उपस्थित रहना

सजग ध्यान का अर्थ है किसी व्यक्ति को अपना पूरा ध्यान देना - आपका मन, आँखें, शारीरिक हाव-भाव और हृदय, सभी वक्ता के साथ तालमेल में हों।

व्यावहारिक रूप से - सभी उपकरण बंद कर देना, आँखों का विनम्र संपर्क बनाए रखना और मानसिक रूप से सभी भटकावों से थोड़ी देर के लिए दूर रहना। नेल्सन मंडेला अपने आस-पास के लोगों पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रसिद्ध हैं, भले ही उनकी कैसी भी हैसियत हो। दक्षिण अफ़्रीका में शांति वार्ता के दौरान वे अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए चाय बनाते थे और बिना किसी रुकावट के सुनते थे। उनके एक प्रतिद्वंद्वी ने कहा, “जब आप मंडेला से बात करते हैं तो ऐसा लगता है मानो दुनिया में आप एकमात्र व्यक्ति हैं। उनकी सजग उपस्थिति से टकराव कम हुआ, उन्हें सम्मान मिला और राष्ट्र में शांति बहाली और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई।

चिंतनशील प्रत्युत्तर - यह दिखाना कि आपने केवल सुना ही नहीं बल्कि समझा भी है

चिंतनशील प्रत्युत्तर में श्रोता वक्ता की भावनाओं को दोहराकर या उन्हें अपने शब्दों में कहकर उसके अनुभव को मान्यता देते हैं - सहमत होने के लिए नहीं बल्कि इस बात की पुष्टि करने के लिए कि उन्होंने वक्ता की बात को सुना है।

व्यावहारिक रूप से - इस तरह के वाक्यांशों का उपयोग करें, ‘मैंने आपको यह कहते सुना कि..’ या ‘ऐसा लगता है कि आपको महसूस हुआ कि..।’ इससे स्पष्टता और भरोसा लाने में मदद मिलती है।

अग्रणी मनोवैज्ञानिक कार्ल रॉजर्स अनिर्देशात्मक श्रवण और चिंतनशील संवाद के माध्यम से चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति ले आए। एक सत्र के बाद एक यजमान ने कहा, “जब तक मैंने खुद को आपके शब्दों के माध्यम से नहीं सुना, मुझे एहसास ही नहीं हुआ कि मैं क्या महसूस कर रहा था।” रॉजर्स की चिंतन करने की योग्यता से लोगों को अपनी सच्चाइयों को समझने में सहायता मिली।

 

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नैतिक विचार - ईमानदारी और सम्मान के साथ सुनना

हृदयपूर्ण श्रोता होने में गोपनीयता, सहमति और सीमाओं का सम्मान करना शामिल है। नैतिकता के बिना सुनना अनुचित हस्तक्षेप जैसा लग सकता है।

व्यावहारिक रूप से - बिना अनुमति के किसी की कहानी किसी दूसरे को न बताएँ। बिना दूसरे व्यक्ति की अनुमति के उसके दुःख के बारे में गहराई से न पूछें।

अमेरिका के राष्ट्रपति की पत्नी के रूप में एलेनोर रूज़वेल्ट ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान घायल सैनिकों से मुलाकात की थी - फ़ोटोग्राफ़रों को साथ लेकर नहीं बल्कि चुपचाप, निजी तौर पर। उन्होंने सैनिकों के हाथों को पकड़ा, उनसे धीरे से प्रश्न पूछे और कभी भी उनकी कहानियों को सार्वजनिक रूप से नहीं बताया। उनके नैतिक विवेक ने सैनिकों को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराया।


हृदयपूर्ण श्रोता होने में गोपनीयतासहमति और सीमाओं का सम्मान करना शामिल है। नैतिकता के बिना सुनना अनुचित हस्तक्षेप जैसा लग सकता है।


सांस्कृतिक जागरूकता - विभिन्न विचारों को संवेदनशीलता के साथ सुनना

सांस्कृतिक जागरूकता का अर्थ है विभिन्न संचार मानदंडों, भावनात्मक अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करना।

व्यावहारिक रूप से - अनुमान लगाने के बजाय जिज्ञासा रखें। पूछें, “क्या कोई बेहतर तरीका है जिससे मैं आपकी कहानी को समझ सकूँ?”

जब नडेला माइक्रोसॉफ़्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक वैश्विक कंपनी में सभी की बात को सुना जाएगा। चीन में कंपनी के हॉल में उन्होंने थोड़ा रुककर पूछा, “क्या यहाँ की संस्कृति के अनुसार हम इस बात को ठीक से समझ रहे हैं?” उनकी खुली सोच से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और उत्पाद संबंधी समानुभूति के प्रति माइक्रोसॉफ़्ट का दृष्टिकोण बदल गया।

सभी बिंदुओं को जोड़कर समझना - आंतरिक गुणों से लेकर बाह्य व्यवहार तक

 

आंतरिक गुणबाह्य व्यवहार
समानुभूतिसजग ध्यान
उदार मानसिकताचिंतनशील प्रतिक्रिया
उपस्थितिनैतिक विचार
सच्ची रुचिसांस्कृतिक जागरूकता

यदि गुण अच्छी तरह सुनने के पीछे के कारण हैं तो व्यवहार उन्हें अमल में लाने का तरीका है। साथ मिलकर, वे निष्क्रिय श्रवण को सक्रिय संबंध में बदल देते हैं।

अभ्यास के लिए निर्देश

हाल ही में हुई किसी बातचीत के बारे में सोचें। विचार करें -

  • क्या आपने पूरी सजगता से ध्यान दिया?
  • क्या आपने वक्ता को उसी का कहा कुछ बताया?
  • क्या आपने सीमाओं का सम्मान किया?
  • क्या आप उनके संदर्भ या संस्कृति के प्रति संवेदनशील थे?

अपनी अगली अर्थपूर्ण बातचीत में सचेत रूप से इन व्यवहारों में से किसी एक को अपनाने की कोशिश करें। अपनी डायरी में लिखें कि इस बातचीत में या आप में क्या बदलाव आया?

 

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रवि वेंकटेशन

रवि वेंकटेशन

रवि एटलांटा में रहने वाले प्रबंधक हैं जो वर्तमान में कैंटालोप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे प्रस्तुतिऔर पढ़ें

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