मोनिका वर्मा-वाचेरी सूक्ष्म ऊर्जाओं के क्षेत्र में बीस वर्षों तक कार्य कर चुकी हैं। इस लेख में वे हार्टफुलनेस ध्यान के एक सामूहिक सत्र के कारण उस कक्ष में उपस्थित व्यक्तियों की और उस कक्ष की ऊर्जा पर पड़े प्रभाव को मापने के विषय में बता रही हैं। इसके परिणाम बहुत प्रेरणास्पद हैं। अब मोनिका यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि हम इन सरल हृदय आधारित ध्यान के अभ्यासों द्वारा अपना जीवन किस तरह बेहतर बना सकते हैं।
यह सब कहाँ शुरू हुआ
मुझे सूक्ष्म एवं बुद्धियुक्त ऊर्जा और प्राण, जो जीवन की आधारभूत ऊर्जा है और जो हममें व हमारे वातावरण में प्रवाहित होती है, के विषय ने हमेशा आकर्षित किया है। मैंने उपचार, सामंजस्य और आंतरिक विकास के लिए प्रभामंडलीय (auric) ऊर्जा का उपयोग किया है। इसकी प्रभावकारिता देखकर इसके प्रति मेरा आकर्षण और बढ़ गया है।
लगभग बीस वर्ष पहले मैंने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने मेरे जीवन को बदल दिया। एक नए इंजिनियर के रूप में मैंने अपना एमबीए सफलतापूर्वक पूरा किया और मेरे सामने नौकरियों के अनेक अवसर थे। लेकिन सुबह नौ बजे से शाम पाँच बजे तक की नौकरी के विचार से मुझे घुटन महसूस होती थी। मैं असमंजस में थी कि आगे क्या करूँ। तब मेरी इस बात की खोज शुरू हुई कि मुझे क्या करना पसंद है।
इन बीस वर्षों में जो कुछ मेरे सामने प्रकट हुआ है, वह सब चमत्कार से कम नहीं है। मैं पूरी तरह से खोज की एक नई यात्रा पर निकल पड़ी जिसमें मुझे अंतरिक्ष और मानवीय ऊर्जा विज्ञान, दृश्य-ध्वनि का विज्ञान (cymatics), ध्वनि चिकित्सा, अंतर्ज्ञान, प्रभामंडल का अध्ययन, जैविक ज्यामिति (biogeometry), जैविक ऊर्जा विज्ञान, शरीर का ऊर्जातंत्र, स्थापत्य वेद की आश्चर्यजनक बातें, प्राचीन वास्तु शास्त्र और फेंग शुई की जटिल कला1 के क्षेत्रों के विद्वानों से बहुत कुछ सीखने को मिला। बायोज्यामिति की छात्रा के रूप में मुझे डॉक्टर रॉबर्ट गिल्बर्ट से अग्रिम मूलभूत बायोज्योमेट्री® (जैविक ज्यामिति) और सैय्यद करीम से एन्वायरमेंटल होम सॉल्यूशंस (BG-EHS) के व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर भी मिला। बायोज्योमेट्री® एक विज्ञान है जिसे मिस्र के डॉक्टर इब्राहीम करीम ने विकसित किया। यह जैविक क्षेत्रों और उनके पर्यावरण की ऊर्जाओं के बीच सामंजस्य स्थापित करने का विज्ञान है। डॉक्टर करीम इसके लिए कुछ ऐसे उपकरणों का उपयोग करते हैं जो अस्तित्व के सभी सात स्तरों पर सूक्ष्म ऊर्जाओं को विस्तार से मापने में सहायता करते हैं।2 मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे इन क्षेत्रों के कुछ प्रमुख विशेषज्ञों के तहत अध्ययन करने का अवसर मिला।
यह समझना, कि सूक्ष्म ऊर्जा या प्राण शक्ति कैसे हममें और हमारे आसपास की हर एक चीज़ में प्रवाहित होती है और कैसे यह हमारे पर्यावरण में प्रवाहित होती है, वह डोर है जो सभी को परस्पर जोड़ती है।
कई वर्षों तक अनेक लोगों का शारीरिक उपचार करते हुए और विभिन्न स्थानों की ऊर्जाओं के साथ कार्य करते हुए मैंने यह देखा कि किस प्रकार उस भौतिक वातावरण में प्राण के प्रवाह में आई रुकावट उस स्थान के लोगों के शरीर में झलकने लगती है जो अक्सर उनमें स्वास्थ्य समस्याओं या आपसी संबंधों से जुड़ी समस्याओं के रूप में प्रकट होती है। यह भी देखने को मिला कि शरीर में मौजूद प्राण शक्ति के प्रवाह में आई बाधा का प्रभाव उसके वातावरण पर पड़ रहा है। जब ये रुकावटें हट जाती हैं तब ऊर्जा में परिवर्तन हो जाता है जिससे उपचार और सामंजस्य होने लगता है।
हार्टफुलनेस ध्यान में प्रभामंडल/ऊर्जा का अध्ययन
फ़रवरी 2024 में मैं एक स्वास्थ्य प्रदर्शनी में थी और उसके प्रतिभागियों के प्रभामंडल की तस्वीरें ले रही थी। मेरे बाईं ओर की मेज़ पर हार्टफुलनेस मैडिटेशन लिखा था। हार्टफुलनेस संस्था के स्वयंसेवक, लोगों को अपने आगामी कार्यक्रम के लिए विज्ञापन पुस्तिका (Flyers) बाँट रहे थे और रविवार के ध्यान सत्रों में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित कर रहे थे।
उनके काम में मेरी रुचि जागी। मैंने हार्टमैथ संस्था और हार्ट कोहेरेंस के बारे में उनके अभूतपूर्व अन्वेषण का वर्षों तक अध्ययन किया है। चूँकि मैंने सूक्ष्म ऊर्जा क्षेत्रों को मापना सीख लिया था, इस कारण मैं हार्टफुलनेस ध्यान के बारे में जानने के लिए अत्यधिक उत्सुक थी।
एक स्नेही हार्टफुलनेस प्रशिक्षक मेरे पास आए और यह जानकर उनमें उत्सुकता जागी कि जिस कक्ष में हार्टफुलनेस ध्यान हो रहा है, वहाँ के प्रभामंडल में परिवर्तन या ऊर्जा में परिवर्तन को मापना संभव है। मैंने तत्काल उन्हें प्रस्ताव दिया कि क्यों न जिस जगह हार्टफुलनेस ध्यान किया जा रहा है, उस जगह की ऊर्जा के संभावित बदलाव और ध्यान कर रहे लोगों के प्रभामंडलीय क्षेत्रों का अध्ययन किया जाए।
जैविकक्षेत्र या प्रभामंडल (Aura) की तस्वीरें और ऊर्जा के माप
अध्ययन के दिन मैं ध्यान के निर्धारित समय से आधा घंटा पहले अपने उपकरणों3 को जमाने और उस स्थान का मूलभूत माप लेने के लिए पहुँच गई। मैं चुपचाप कमरे के पीछे बैठकर प्रतीक्षा करने लगी। ध्यान के लिए लोग आने लगे। जो 25 लोग ध्यान के लिए आए थे उनमें से आठ (चार पुरुष और चार महिलाओं), ने स्वेच्छा से ध्यान के पहले और बाद के उनके प्रभामंडल का माप करवाने की सहमति दी। मैंने एक-एक करके सबके प्रभामंडल की तस्वीरें लीं। हॉल के पीछे एक कमरे में नियंत्रित वातावरण की व्यवस्था की गई थी। यहाँ फुल स्पेक्ट्रम यानी वर्णक्रम के सभी रंगों के प्रकाश की व्यवस्था थी और एक हाई रिज़ोल्यूशन कैमरा लगाया गया था ताकि उन आठों नियुक्त व्यक्तियों के ध्यान के पूर्व और ध्यान के बाद के प्रभामंडल की तस्वीरें ली जा सकें। यह कमरा ध्यान की जगह से अलग था और ध्यान के समय बंद रखा गया था ताकि हमारा ध्यान कमरे पर नहीं बल्कि लोगों के प्रभामंडल में आए परिवर्तनों पर केंद्रित रहे।
मेरा उद्देश्य
मेरा उद्देश्य हार्टफुलनेस सामूहिक ध्यान के पहले और बाद में कमरे के ऊर्जा क्षेत्र के अलावा ध्यानकर्ताओं के प्रभामंडलीय क्षेत्र में आए परिवर्तनों को मापना था। मैंने इनको मापने के लिए बायोफ़ील्ड इमेजिंग सॉफ़्टवेयर और बायोज्योमेट्री® के उपकरणों का उपयोग किया था।4
मैंने कमरे में स्वर्ण केंद्रित स्पंदन (Gold Centering Vibration) के स्तर यानी BG35 ऊर्जा-गुणवत्ता को भी मापा। यह उस गुणवत्ता की ऊर्जा है जो बायोज्योमेट्री® के संस्थापकों के अनुसार दिव्य स्तर की ऊर्जा से मेल खाती है – ऐसी ऊर्जा जो सार्वभौमिक है और व्यक्तिगत स्व से परे है। इसके कुछ उदाहरण हैं गुरुओं और संतों के प्रभामंडलों की ऊर्जा। ऐसी ऊर्जा पवित्र स्थानों जैसे पिरामिडों, कुछ विशिष्ट मंदिरों, गिरजाघरों और मस्जिदों के उपचारात्मक स्पंदनों में भी पाई जाती है। यह ऊर्जा सभी स्तरों पर संतुलन स्थापित करती है जिससे सामंजस्य पैदा होता है। इस गुणवत्ता की ऊर्जा का अनुभव हम गहन प्रार्थना की अवस्था में करते हैं, जिसमें एक तरह से हमारा दूसरे आयाम से जुड़ाव हो जाता है।
यह BG3 स्वर्ण ऊर्जा तीन आवृतियों से बनती है - पराबैंगनी की उच्चतर लयबद्ध आवृति; स्वर्ण की उच्चतर लयबद्ध आवृति; और क्षैतिज नकारात्मक हरे रंग की आवृत्ति (वाहक ऊर्जा)। BG3 ऊर्जा मनुष्यों, पशुओं और पेड़-पौधों के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होती है (डॉक्टर करीम)।
मेरे निष्कर्ष -
जब ध्यान प्रारंभ हुआ, मैं प्रमुख ध्यानकक्ष के पिछले भाग में थी। मेरे पास प्रभामंडल की तस्वीर लेने वाला विडियो कैमरा था जो उस कमरे के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों की तस्वीरें ले रहा था। एक हार्टफुलनेस प्रशिक्षक पच्चीस लोगों के सामने बैठकर ध्यान करवा रही थी जो उनके सामने कुर्सियों पर या ज़मीन पर बिछी दरी पर बैठे हुए थे। जब उन्होंने कहा, “कृपया ध्यान शुरू कीजिए,” ध्यान शुरू हो गया।
मैंने बायोज्योमेट्री® क्वांटिटेटिव BG3 फिज़िकल रूलर द्वारा BG3 ऊर्जा को मापना शुरू किया। ध्यान की शुरुआत में कमरे में BG3 ऊर्जा नहीं थी। प्रभामंडल के विडियो में कमरे में सामान्य प्रकार का ऊर्जा वितरण दिख रहा था। सॉफ़्टवेयर इन ऊर्जाओं को अलग-अलग रंगों में प्रदर्शित करता है। प्रत्येक रंग, स्पंदन की एक विशिष्ट आवृति के अनुरूप होता है।

ध्यान शुरू होने के पाँच मिनट बाद ही चीज़ें रोमांचक होने लगीं।
प्रभामंडल का विडियो कैमरा - कमरे के बीच में मुख्यतः ऊर्जा की एक लाल पट्टी थी जबकि किनारों पर गहरे रंग दिखाई दे रहे थे। ऐसा सामान्यतः होता है। जैसे ही लोगों का ध्यान भीतर की ओर निर्देशित हुआ तब धीरे-धीरे लाल रंग गायब होने लगा और उसकी जगह एक हरे रंग की धारा प्रवाहित होने लगी। ऐसा लग रहा था मानो वह प्रवाह समूह को कमरे की ऊर्जा से जोड़ रहा था। यह प्रवाह प्रशिक्षक के ऊपर और पीछे दिखाई दिया और फिर सभी ध्यानकर्ताओं तक फैल गया। मुझे बाद में एक ध्यानकर्ता ने बताया कि उस समय प्राणाहुति (हार्टफुलनेस ध्यान में इसका उपयोग किया जाता है) प्रवाहित हो रही थी।
हरित ऊर्जा, जो हृदय-चक्र से संबंधित है, प्रभामंडल की तस्वीरों में प्रकट होती है। यह विशेषकर उन व्यक्तियों के चारों ओर होती है जिनमें निस्स्वार्थ प्रेम होता है और जिनमें प्राण-शक्ति प्रबल होती है। यह उन लोगों के आस-पास मिलती है जो स्वतः ही आध्यात्मिक और भौतिक आयाम को जोड़ सकते हैं।
हृदय और निस्स्वार्थ प्रेम से संबंधित इस ऊर्जा को स्क्रीन पर प्रकट होते देखना और पूरे ध्यान के दौरान उसका बने रहना अत्यधिक रोमांचक था।
BG3 ऊर्जा का माप - ध्यान शुरू होने के कुछ देर बाद मैंने कमरे में BG3 ऊर्जा की उपस्थिति की जाँच की। ध्यान शुरू होने के पाँच मिनटों के अंदर ही मैंने इस ऊर्जा में काफ़ी वृद्धि पाई। ध्यान के पहले कमरे में बिलकुल BG3 ऊर्जा नहीं थी जबकि ध्यान के पाँच मिनटों में ही कमरे के पिछले हिस्से की ओर, समूह से लगभग 15 फीट की दूरी पर इसका माप 700 यूनिट हो गया। इसका मतलब था कि स्वर्ण ऊर्जा सारे कमरे में व्याप्त हो रही थी।
मैं चुपचाप कमरे के पिछले दाहिने कोने पर अपनी जगह से ध्यानकर्ताओं का निरीक्षण कर रही थी और मेरा उत्साह बढ़ता जा रहा था। मैं पाँच-पाँच मिनट के अंतराल पर माप को दर्ज करती रही।
हरे रंग का प्रवाह लगातार बना रहा और लगभग 15 मिनट के ध्यान के बाद मैंने एक हल्के गुलाबी रंग की ऊर्जा को भी कमरे में देखा। हरे रंग की तरह ही हल्का गुलाबी रंग भी हृदय चक्र के स्पंदनों से संबंधित है। सामान्यतः मैंने अपनी प्रभामंडल तस्वीरों में अक्सर यह पाया है कि यह ऊर्जा बच्चों, वसंत में खिलने वाले फूलों और सौम्य, संवेदनशील, रचनात्मक, अंतर्ज्ञान से संपन्न तथा दूसरों को आराम दिलाने की योग्यता वाले लोगों के चारों ओर बनी रहती है।
जैसे-जैसे ध्यान आगे बढ़ा, ऊर्जा का हरा प्रवाह बना रहा और BG3 ऊर्जा धीरे-धीरे बढ़ती रही। मैंने BG3 ऊर्जा के माप में पाया कि यह ध्यान के पूर्व शून्य, ध्यान शुरू होने के 5 मिनट बाद 700 यूनिट, फिर 1100 यूनिट, 1400 यूनिट और चालीस मिनट के सामूहिक ध्यान के बाद अपने उच्चतम स्तर 1800 यूनिट तक पहुँच गई थी। इसे चित्र 2 में दिखाया गया है।
40 मिनट के ध्यान के बाद हार्टफुलनेस प्रशिक्षक ने बोलना शुरू किया और प्रतिभागियों को धीरे-धीरे ध्यान से बाहर आने के लिए निर्देश दिए। जब ध्यान समाप्त हुआ तब हरा प्रवाह भी बंद हो गया और लाल ऊर्जा फिर से प्रकट हो गई।
कोने के अपने प्रेक्षण स्थल से मैं BG3 ऊर्जा के स्तर का माप लेती रही। ध्यान खत्म होने के 10 मिनट बाद तक BG3 का उच्चतम स्तर 1800 पर बना रहा और ध्यान समाप्ति के 45 मिनट बाद कम होते-होते 800 यूनिट तक आ गया।

ध्यान के पूर्व और बाद में व्यक्तियों के प्रभामंडल (जैविक क्षेत्र) का माप
ध्यान के बाद एक-एक करके चुने हुए आठों व्यक्तियों ने पीछे के कमरे में आकर ध्यान के बाद के प्रभामंडल की तस्वीरें खिंचवाईं। सभी आठों के प्रभामंडल क्षेत्र में सुधार पाया गया।
- कुछ लोगों में बाह्य प्रभामंडलीय शक्ति और आकार में वृद्धि पाई गई,
- कुछ लोगों में हृदय क्षेत्र के चारों ओर अवरुद्ध भावनात्मक (क्रोध और उदासी) ऊर्जाओं में थोड़ी कमी देखी गई,
- कुछ के ऊर्जा क्षेत्र में ‘मन के शोर’ में कमी और अधिक स्पष्टता देखी गई।

ध्यान के पहले और बाद में कक्ष की ऊर्जा का माप
बायोज्योमेट्री® के अनुसार प्रकृति के सात स्तरों का संबंध ऊर्जा की अलग-अलग परतों या आयामों से है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अनुभवों को प्रभावित करते हैं। ये स्तर सूक्ष्म ऊर्जा क्षेत्र दर्शाते हैं जिनका भौतिक संसार पर परस्पर प्रभाव पड़ता है और ये एक बहुआयामी ढाँचा बनाते हैं, जिससे हम यह समझ सकते हैं कि ऊर्जा कैसे प्रवाहित होती है और ऊर्जा का प्रवाह हमें विभिन्न स्तरों पर किस तरह प्रभावित करता है। ये स्तर हमारे चारों ओर और हमारे आस-पास के परिवेश में विद्यमान हैं।
इन सात स्तरों के नाम हैं - भौतिक, ओजस्विता, भावनात्मक या तारकीय (एस्ट्रल), मानसिक, आध्यात्मिक 1, आध्यात्मिक 2 और आध्यात्मिक 3
इनमें से हरेक स्तर दूसरे स्तरों को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, भावनात्मक स्तर पर आया असंतुलन स्थूल शरीर पर प्रभाव डालता है जबकि मानसिक स्तर पर असंतुलन आध्यात्मिक यात्रा को प्रभावित कर सकता है।
बायोज्योमेट्री® में इनमें से हरेक ऊर्जा स्तर में दस गुण होते हैं जिन्हें BGQ बिंदु (बायोज्योमेट्री® क्वालिटी पॉइंट) कहते हैं। ये गुण हमारे दस चक्रों या ऊर्जा केंद्रों की ऊर्जा को बढ़ाते हैं। इसलिए माप लेते समय हम सभी सात स्तरों के दस-दस गुणात्मक बिंदुओं का माप लेते हैं, यानी 7x10 = 70 बिंदु।

एक कमरे में प्रकृति के सातों स्तरों की ऊर्जा के गुण हमारे चक्रों पर प्रभाव डालते हैं इसलिए उनका बहुत महत्व होता है। कमरे में कोई भी रुकावट या विघ्न अंतत: व्यक्तियों में प्रकट हो सकता है और व्यक्तियों के ऊर्जा क्षेत्र में आने वाली बाधा का प्रभाव कमरे के वातावरण पर हो सकता है जो लोगों और कमरे में संतुलन लाता है। इसलिए किसी कमरे में प्रकृति के स्तरों के अवरोधों को हटाने से मानवीय तंत्र को बहुत सहायता मिलती है।
एक कक्ष में ध्यान शुरू करने के पहले और ध्यान समाप्त होने के 30 मिनट बाद तक प्रकृति के सभी सात स्तरों पर ऊर्जा के दसों गुणों को मापने के लिए बायोज्योमेट्री® उपकरणों का प्रयोग किया गया।
इस स्थान में साप्ताहिक ध्यान सत्र के अलावा पूरे सप्ताह में कई और गतिविधियाँ भी होती हैं जिनमें नृत्य, सांस्कृतिक सामूहिक गतिविधियाँ और अन्य आयोजन शामिल हैं।
हृदय और निस्स्वार्थ प्रेम से संबंधित इस ऊर्जा को स्क्रीन पर प्रकट होते देखना और पूरे ध्यान के दौरान उसका बने रहना अत्यधिक रोमांचक था।
ध्यान के पूर्व - ध्यान कक्ष में बहुत सी ऊर्जाओं के गुण असंतुलित थे। चित्र 4 देखें
ध्यान के बाद - सभी स्तरों पर असंतुलित ऊर्जा के गुण पुन: संतुलित हो गए - पूरे 70 बिंदु।
बाद में ध्यानकर्ताओं ने मुझे बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान में सफ़ाई की प्रक्रिया होती है जिसमें सूक्ष्म शरीर की छापों को साफ़ किया जाता है। यह सामूहिक ध्यान के समय भी किया जाता है।
परिणामों का सारांश
- सामूहिक ध्यान में संकल्प के साथ सामूहिक ऊर्जा को हृदय चक्र पर केंद्रित करने से एक ऊर्जा का प्रवाह शुरू हो गया।
- केंद्रीकृत/सार्वभौमिक स्वास्थ्यकारी BG3 ऊर्जा ध्यान के समय कमरे में पैदा हुई और ध्यान के बाद भी कुछ समय तक बनी रही।
- सभी चुने हुए लोगों ने अपने व्यक्तिगत प्रभामंडल के क्षेत्र में वृद्धि और संतुलन का अनुभव किया - हर व्यक्ति के स्तर अलग-अलग थे।
- प्रकृति के स्तरों की विकृतियों और कमरे के दसों गुणों में संतुलन आ गया। कमरे की बाधित ऊर्जा का खुलना भी स्पष्ट रूप से अनुभव किया जा सकता था।
- इस स्थान में जहाँ हर रविवार को सुबह सामूहिक ध्यान होता है, दूसरे समूह भी इस स्थान को नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पूरे सप्ताह किराए पर लेते हैं।
ध्यान के पहले कमरे की ऊर्जा असंतुलित थी। ध्यान के पश्चात कमरे की ऊर्जा में बहुत परिवर्तन था। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि रविवार को हार्टफुलनेस ध्यान के सत्र इस स्थान की सफ़ाई करने में मदद करते हैं, जिसका लाभ उन लोगों को मिल सकता जो इस स्थान का उपयोग ध्यान सत्र के तुरंत बाद करते हैं। हालाँकि, पूरे सप्ताह यहाँ होने वाले अन्य कार्यक्रमों के भौतिक स्पंदनों से सप्ताह के अंत तक यहाँ की ऊर्जा फिर से असंतुलित हो जाती है।
नियमित दैनिक ध्यान करने से उस स्थान की उन्नत प्रभामंडलीय ऊर्जा को बनाए रखा जा सकता है जिससे बाद में उस स्थान का उपयोग करने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है चाहे वे ध्यान करते हों या न करते हों।

अगले कदम
कितना अद्भुत अवलोकन है! जब हम हृदय की ऊर्जा के साथ तालमेल बिठाते हैं तब हम सुसंगत अवस्था में होते हैं और उच्चतर चेतना से मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। हम सभी के सामूहिक स्पंदनों से हमारे आस-पास के वातावरण में एक ऊर्जा क्षेत्र बन जाता है। हम क्षेत्र पर प्रभाव डालते हैं और क्षेत्र हम पर। ये ऊर्जा क्षेत्र निरंतर बदलते रहते हैं।
इससे इस बात की पुष्टि हो जाती है कि हमारे हृदय की बुद्धिमत्ता श्रेष्ठतर होती है जो हम सबको आपस में जोड़ती है।
इस अध्ययन से हमें इस बात की एक झलक मिलती है कि किस प्रकार हमारे हृदय का ऊर्जा क्षेत्र हमारे आस-पास के ऊर्जा क्षेत्र और हम में से हर एक से जुड़ा होता है और दोनों को प्रभावित करता है।
हमारे हृदय की बुद्धिमत्ता का एक और पहलू है उन्नत अंतर्ज्ञान (जैसा कि हमने उन चुने हुए लोगों के चारों ओर पैदा हुए गुलाबी रंग में देखा)।
इस अध्ययन से भविष्य में खोज करने के लिए अनेक मार्ग खुल जाते हैं और मन में अनेक प्रश्न उठने लगते हैं -
- इन निष्कर्षों की अन्य ध्यान पद्धतियों से कैसे तुलना की जाए?
- पुराने अभ्यासियों और नए अभ्यासियों के समूहों में क्या अंतर हैं?
- बड़े-बड़े सम्मेलनों (जिनमें हज़ारों लोग एकसाथ एक स्थान पर ध्यान करते हैं) और वर्चुअल ध्यान सत्रों में ऊर्जा कैसे प्रकट होती है?
संभावनाएँ अनंत हैं। अभी के लिए यह जाँच मेरे लिए हृदय की शक्ति के बारे में एक बड़ा रहस्योद्घाटन है।
यह ऊर्जा सभी स्तरों पर संतुलन स्थापित करती है जिससे सामंजस्य पैदा होता है। इस गुणवत्ता की ऊर्जा का अनुभव हम गहन प्रार्थना की अवस्था में करते हैं, जिसमें एक तरह से हमारा दूसरे आयाम से जुड़ाव हो जाता है।
प्रभामंडलीय क्षेत्र का स्पष्ट विस्तार
नए प्रकट होते पीले, गुलाबी और स्वर्णिम रंग देखें।
यही वे रंग हैं जो ध्यान के बाद कक्ष में प्रकट हुए।
पीला
- बुद्धिमत्ता, आत्म-सम्मान, व्यक्तिगत शक्ति
- आत्मविश्वास के स्पंदनों के समरूप
- स्व की प्रबल भावना
- महानता प्राप्त करने के लिए दूसरों को प्रेरित करने की योग्यता
- जन्मजात नेतृत्व क्षमता और दूसरों को सकारात्मक रूप से प्रेरित करने की योग्यता
- जटिल सिद्धांतों के विश्लेषण की उत्तम क्षमता
- स्वाभाविक रूप से दूसरों को आकर्षित करना, स्नेही और प्रसन्नचित
गुलाबी
- स्वभाव से नरम
- अत्यधिक संवेदनशील
- स्वाभाविक रूप से रचनात्मक
- अंतर्ज्ञान की योग्यता की ओर उन्मुख
- आस-पास के लोगों को आराम महसूस कराना
संदर्भ -
1 कुछ शिक्षक जिनसे सीखने का मुझे सौभाग्य मिला -
- डोना ईडन के साथ एनर्जी मेडिसिन
- डेबोराह किंग के साथ प्राचीन वैदिक सूत्र और ध्यान में चिकित्सकीय अंतर्ज्ञान और प्रशिक्षण
- बारबरा ब्रेनन के कार्य से ब्रेनन हीलिंग
- इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर रेकी ट्रेनिंग की कारा एन्डरशॉक से रेकी का प्रारंभ (journeystothesacred.com)
- डॉक्टर एरिक ज़ेलिंस्की से आवश्यक तेलों द्वारा उपचार
- वेसिका इंस्टिट्यूट में डॉक्टर रोबर्ट गिल्बर्ट से क्रिस्टल्स के साथ काम करना
- प्रसिद्ध स्थापति गणपति द्वारा प्रशिक्षित तीन अलग-अलग वास्तुकारों से स्थापत्य वेद और वास्तु का प्रशिक्षण
- मारी डायमंड और डेनिस लिन से फेंग शुई और पर्सनल एनर्जी डायरेक्शन
- वेसिका इंस्टिट्यूट में डॉक्टर रॉबर्ट गिल्बर्ट से एडवांस्ड बायोज्योमेट्री® और फ़ाउंडेशन प्रशिक्षण
- सैय्यद करीम से बायोज्योमेट्री®, एन्वायरमेंटल होम सोल्यूशंस – एप्लाइड स्किल्स
- आईलीन मेकक्यूसिक के काम से बायोफ़ील्ड ट्यूनिंग
- टोनी नेक साउंड हीलिंग एकेडमी से साउंड हीलिंग तकनीकें
2 करीम,आई., 2011. बैक टू अ फ़्यूचर फ़ॉर मैनकाइंड, बायोज्योमेट्री, क्रिएटस्पेस
3 मैंने अपना लैपटॉप जिसमें बायोफ़ील्ड रीडर और इमेजर सॉफ़्टवेयर इन्सटाल किया हुआ था, लाइव विडियो बनाने के लिए सेट किया। सॉफ़्टवेयर का लाइसेंस
www.biofieldimaging.com से लिया गया था। बायोफ़ील्ड रीडर और इमेजर दोनों का उपयोग इस अध्ययन के लिए किया गया है। मैंने बायोज्योमेट्री®
(www.biogeometry.ca) उपकरण BG16 पेंडुलम और ह्यूमन आर्चटाइप रूलर व उसके स्ट्रिप्स का भी उपयोग किया है।
4 UK की कंपनी बायोफ़ील्ड इमेजिंग द्वारा विकसित बायोफ़ील्ड रीडर और बायोफ़ील्ड इमेजर सॉफ़्टवेयर का उपयोग यहाँ किया गया है - www.biofieldimaging.com. यह एक डिजिटल लाइट फ़िल्टरिंग प्रोग्राम है। यह प्राणियों के आसपास के प्रकाश को रिकॉर्ड करता है और हीलिंग, ध्यान, क्रिस्टल्स आदि के कारण आए प्रकाश-परिवर्तनों को नोट करता है। यह सॉफ़्टवेयर, प्रकाश के फ़िल्टरिंग ग्रेडेशन और पैटर्न को, जो सामान्य आँख द्वारा नहीं देखे जा सकते, को फ़िल्टर करके तस्वीरों को संसाधित करता है जिससे हम अपने चारों ओर के प्रकाश को एक नए ढंग से देख सकते हैं।
बायोफ़ील्ड रीडर और बायोफ़ील्ड इमेजर चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए एक वस्तुनिष्ठ उपाय है जिसे वे लोगों के आस-पास के प्रकाश का आंकलन कर सकते हैं। जिन लोगों का संतुलन बिगड़ जाता है, जैसे उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो उनमें प्रकाश के खास पैटर्न और रंग दिखाई देते हैं। जैसे-जैसे शरीर स्वस्थ होता जाता है इन रंगों और पैटर्न में व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ अंतर आता देखा जा सकता है।
बायोज्योमेट्री® के उपकरण प्राणियों और वातावरण में विद्यमान सूक्ष्म ऊर्जा क्षेत्र के साथ परस्पर प्रभाव द्वारा काम करते हैं। ये उपकरण खास ढंग की सूक्ष्म ऊर्जा के स्पंदनों को पहचान कर उनको मापते हैं जिसमें नुकसानदेह विद्युत चुंबकीय क्षेत्र (EMF), पृथ्वी से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जाओं का इंसान पर असर तथा भावनात्मक, मानसिक आध्यात्मिक ऊर्जा भी शामिल है। वे उन ऊर्जा के असंतुलनों की पहचान करते हैं जो स्वास्थ्य, भावना या पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। ह्यूमन आर्किटाइप रूलर, BG3 क्वांटीटेटिव रूलर और बीजी16 पेंडुलम का भी उपयोग किया गया है।
5 करीम, आई., 2011. बैक टू अ फ़्यूचर फ़ॉर मैनकाइंड, बायोज्योमेट्री, क्रिएटस्पेस
6 कमरे में उपस्थित रंगों और प्रभामंडलों की व्याख्या इनके कार्य के आधार पर की गई -
यू सी बर्कली भौतिकविद, सिंथिया स्यु लार्सन, औरा एडवांटेज। वे रियलिटीशिफ्टर्स का संचालन भी करती हैं,
http://realityshifters.com/
https://ucberkeley.academia.edu/CynthiaLarson
डगलस फ़्रेज़र, इन्ट्युटिव कोच और आध्यात्मिक शिक्षक, यॉर लाइफ़ इन कलर (https://www.dougallfraser.com/)
हैंड बुक ऑफ़ बायोफ़ील्ड इमेजिंग, पृष्ठ 23, ऊर्जाओं व चक्रों से संबद्ध उभरने वाले रंगों की सूची। https://www.biofieldimaging.com/uploads/1/1/0/0/11003629/biofield_reader_bfr_bfi_manual_v4.1.pdf
7 बायोज्योमेट्री व्याख्या व माप -
डॉक्टर गिल्बर्ट वेसिका इंस्टिट्यूट के संस्थापक हैं। पहले वे अमेरिका की मेरीन कोर – न्युक्लीयर बायोलोजिकल वारफ़ेयर डिफ़ेंस (NBCD) में थे https://www.vesica.org/. मैंने बायोज्यमेट्री फ़ाउंडेशन से बायोज्योमेट्री एडवांस्ड फ़ाउंडेशन का प्रशिक्षण डॉक्टर गिल्बर्ट से लिया है। मैंने बायोज्योमेट्री का एनवायरोनमेंटल होम सोल्युशंस एप्लाइड स्किल्स का प्रशिक्षण सय्यद करीम (डॉक्टर करीम के पुत्र) से लिया हैI बायोज्योमेट्री डॉक्टर इब्राहीम करीम का पेटेंटेड विज्ञान है -: https://www.biogeometry.ca/dr-ibrahim-karim
प्रयुक्त पुस्तकें -
बैक टू अ फ़्यूचर फ़ॉर मैनकाइंड - बायोज्योमेट्री हिडन रियलिटी।
दी बायोज्योमेट्री फिज़िक्स ऑफ़ क्वालिटी
बायोज्योमेट्री सिग्नेचर्स। हॉर्मनाइज़िंग दी बॉडी’स सटल एनर्जी एक्सचेंज विद दी एनवायरनमेंट।
8 BG3 मेज़रमेंट बायोज्योमेट्री के क्वांटटेटिव BG3 फिज़िकल रूलर की सहायता से लिए गए।
9 आइलीन मेकक्यूसिक के कार्य से बायोफ़ील्ड एनाटमी मैप - https://www.youtube.com/watch?v=LulXrS6dB7c&t=3s; https://electrichealth.com/ मैंने जिस पुस्तक का प्रयोग किया – ट्यूनिंग दी ह्युमन बायोफ़ील्ड एंड इलेक्ट्रिक बॉडी इलेक्ट्रिक हेल्थ
10 बारबरा ब्रेन्नन (पूर्व नासा भौतिकविद और ब्रेन्नन स्कूल ऑफ़ हीलिंग एंड सेंटर्स की संस्थापक) की पुस्तक, ‘हैंड्स ऑफ़ लाइट’, ‘लाइट एमर्जिंग’ एवं ‘कोर लाइट हीलिंग’ और डॉक्टर इब्राहीम करीम एंड बायोज्योमेट्री ट्रेनिंग से मैंने चक्रों और अस्तित्व के स्तरों का विवरण प्राप्त किया।
11 दी ह्यूमन आर्किटाइप रूलर (HAR) एवं BG16 पेंडुलम का प्रयोग कमरे की माप लेने के लिए किया गया।

