कैसे हार्टफुलनेस आंतरिक नियंत्रण की स्थिति विकसित करता है और कार्यस्थल पर सफलता दिलाता है
रवि वेंकटेशन ज़िम्मेदारी की भावना, दृढ़ता और कार्य-प्रदर्शन के प्रेरक के रूप में हार्टफुलनेस का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
परिचय
युक्तिपूर्ण क्रियान्वयन और नेतृत्व की स्थिति में, दृढ़ संकल्प वाले सफल लोगों और हालात से परेशान होने वाले लोगों के बीच अंतर केवल कौशल का नहीं होता बल्कि यह दृष्टिकोण का होता है जिससे वे घटनाओं को देखते और समझते हैं। मनोवैज्ञानिक जूलियन रॉटर ने इस दृष्टिकोण को ‘नियंत्रण का आधार’ कहा। नियंत्रण के आधार से तात्पर्य है कि क्या लोग यह मानते हैं कि परिणाम मुख्य रूप से उनके अपने कर्मों से उत्पन्न होते हैं (आंतरिक नियंत्रण का आधार) या फिर बाहरी कारकों, जैसे भाग्य, किस्मत या किसी अन्य शक्तिशाली कारक, के प्रभाव से निर्धारित होते हैं (बाहरी नियंत्रण का आधार)। जैसा कि मैंने लेखों की अपनी पिछली श्रृंखला, ‘हृदयपूर्ण कार्यनीतिकार’, में बताया था, हमारी आंतरिक स्थिति हमारी सोच और समझ को प्रभावित करती है और उसी के आधार पर हम विकल्पों को पहचानते व अपनाते हैं।

नियति बनाम स्वतंत्र इच्छाशक्ति - दाजी का व्यावहारिक समाधान
कई नेता भीतर ही भीतर एक नियतिवादी प्रश्न से जूझते हैं - क्या हमारी नियति पहले से तय है या हमारे पास सचमुच स्वतंत्र इच्छा है? इस संदर्भ में दाजी का उत्तर सुंदर भी है और व्यावहारिक भी। वे कहते हैं कि कुछ तत्व निश्चित होते हैं लेकिन नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से स्वतंत्रता बढ़ती है। हार्टफुलनेस के दैनिक अभ्यासों - ध्यान, सफ़ाई और प्रार्थनापूर्ण संकल्प - के माध्यम से हम अपने मन पर पड़ी छापों को हटा देते हैं, अवधान को परिष्कृत करते हैं और अपने नैतिक मूल्यों के अनुसार कर्म करते हैं। इस प्रक्रिया में हम केवल पूर्व कारणों के परिणाम नहीं रहते; हम अपनी नियति के निर्माता बन जाते हैं। यही आंतरिक नियंत्रण के आधार (Internal Locus of Control) की व्यवहारिकता है।
बाहरी नियंत्रण के आधार से आंतरिक नियंत्रण के आधार की ओर जाने का अर्थ है– “यह मेरे साथ क्यों हो रहा है?” सोचने के बजाय “अब मैं क्या प्रभावित कर सकता हूँ?” की बात सोचना।
नेतृत्व का इतिहास ऐसे प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत करता है जब नेताओं ने प्रतिबंधों के बीच भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
महात्मा गाँधी की पद्धति आत्म-नियंत्रण से शुरू होती है। चरखा आत्म-निर्भरता और अनुशासित सादगी का प्रतीक है। उनकी कार्यप्रणाली ने आंतरिक स्थिरता को बाहरी अहिंसक शक्ति में रूपांतरित किया। यह आंतरिक नियंत्रण के आधार का स्पष्ट उदाहरण है - पहले स्वयं पर विजय प्राप्त करो, फिर उसी के अनुरूप कर्म का चयन करो।
27 वर्षों की कैद के दौरान नेल्सन मंडेला ने गरिमा व क्षमा भाव विकसित किया और कठिन परिस्थितियों के लिए स्वयं को तैयार किया। जब लगभग हर अन्य विकल्प उनसे छीन लिया गया था तब उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया को चुना। नेतृत्व का मूल कार्य - अपनी प्रतिक्रिया की ज़िम्मेदारी लेना - आंतरिक नियंत्रण के आधार का सार है।

हार्टफुलनेस कैसे आंतरिक नियंत्रण के आधार को विकसित करता है
हार्टफुलनेस अभ्यास उस आंतरिक संरचना को ही बदल देता है जो हर बार निर्णय लेने से पहले बनती है।
- उपस्थिति और जागरूकता - ध्यान मन को स्थिर करता है जिससे हम दोषारोपण या असहायता जैसी सामान्य बातों को देख सकते हैं।
- थोड़ा रुककर चुनना - भीतर की शांति उत्तेजना और प्रतिक्रिया के बीच एक अंतराल पैदा करती है। इस अंतराल में ही निर्णय लेने की क्षमता होती है।
- नैतिक मूल्यों के साथ तालमेल बैठाना - हृदय यह स्पष्ट करता है कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है। जब हमारे चुनाव हमारे नैतिक मूल्यों के अनुरूप होते हैं तब हम अपनी प्रतिक्रिया की ज़िम्मेदारी लेते हैं, न कि पीड़ित महसूस करते हैं।
- दृढ़ता और अर्थ - सफ़ाई और आत्म-चिंतन से भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ कम हो जाती हैं। तब असफलताएँ भाग्य के बजाय विश्लेषण की सामग्री बन जाती हैं।
- आदतों में सुधार - बार-बार अभ्यास करने से ‘ध्यान देना और चुनना’ हमारी नई स्वाभाविक प्रवृत्ति बन जाती है।

यह कार्यस्थल पर क्यों सफल होता है
आंतरिक नियंत्रण की भावना केवल नारा नहीं है, बल्कि एक कार्य प्रणाली है।
- पहल करना - समूह इंतज़ार करना छोड़कर प्रयोग करना आरंभ करते हैं।
- सीखना - किसी घटना या परियोजना की समीक्षा का उद्देश्य नियंत्रण योग्य बातों पर और आगे की कार्यवाही पर ध्यान देना होता है न कि दोषारोपण पर।
- गति - जब ऊर्जा ‘किसने गलती की’ से हटकर ‘अब हम क्या करेंगे’ पर केंद्रित हो जाती है तब निर्णय आसानी से और तेज़ी से लिए जाते हैं।
- कार्य-संस्कृति - नेता का दृष्टिकोण ही टीम का दृष्टिकोण बन जाता है जिससे पूरे समूह की कार्य-क्षमता बढ़ती है।
नेता की योजना-पुस्तिका - मूल्यांकन करना ð प्रशिक्षित करना ð योजना तैयार करना ðसुदृढ़ करना
- मूल्यांकन करें - विकास के साधनों का उपयोग करके समूह को नियंत्रित करने के तरीकों का मानचित्र बनाएँ। यह प्रशिक्षण के लिए है, न कि रोक-टोक के लिए।
- प्रशिक्षित करें - योगदान आकलन कार्यशालाएँ आयोजित करें जिनमें लोग वास्तविक असफलताओं के कारणों को समझें, स्पष्ट व नियंत्रित करने योग्य कारणों पर और आगे के लिए छोटे-छोटे प्रयोग करने पर विचार करें। क्रमिक चुनौतियों और सफल तरीकों को उजागर करने वाली प्रतिक्रिया के माध्यम से दक्षता विकसित करें।
- योजना तैयार करें - स्पष्ट सीमाओं, दृश्यमान मापदंड और तेज़ प्रतिक्रिया चक्र के साथ स्वायत्तता बढ़ाएँ। हर उद्देश्य और प्रमुख परिणाम (objective and key result - OKR) के लिए नियंत्रित किए जा सकने वाले कारकों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
- सुदृढ़ करें - तैयारी, दोहराव और कार्य में निरंतरता को अंतिम परिणाम से अधिक महत्व दें। आप जिस बात को महत्व देते हैं, उसी के अनुरूप आपके कार्यस्थल की संस्कृति बन जाती है।
हृदयपूर्ण कार्यनीतिकार नामक श्रृंखला में मैंने बताया था कि चेतना बाहर की ओर प्रवाहित होती है - आंतरिक स्थिति →→कार्यनीतिक विकल्प →परिणाम →पारिस्थितिकी तंत्र। नियंत्रण का आधार ऐसा मनोवैज्ञानिक सेतु है जो इस प्रवाह को क्रियान्वित करता है। जब हम हार्टफुलनेस के माध्यम से अपनी आंतरिक स्थिति को सुधारते हैं तब हम अपनी नियति में स्वतंत्र इच्छा का विस्तार करते हैं, सक्रियता से अपने जीवन और परिस्थितियों पर नियंत्रण लेते हैं और ऐसी संस्कृतियाँ विकसित करते हैं जो ज़िम्मेदारी लेती हैं।

निष्कर्ष
हार्टफुलनेस आंतरिक नियंत्रण के लिए आंतरिक मूलभूत आधार प्रदान करता है। यह अवधान को स्पष्ट बनाता है, भावनाओं को स्थिर करता है, जीवन-मूल्यों को स्पष्ट करता है और चुनने की आदत बनाता है। इस उतार-चढ़ाव वाली दुनिया में यह फ़ायदा लंबे समय तक बना रहता है। जो नेता अपनी आंतरिक अवस्था पर नियंत्रण रखते हैं वे अपने परिणामों को नियंत्रित करते हैं और जहाँ भी काम करते हैं वहाँ उन्नति लाते हैं।

रवि वेंकटेशन
रवि एटलांटा में रहने वाले प्रबंधक हैं जो वर्तमान में कैंटालोप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे प्रस्तुतिऔर पढ़ें
