फ़िनेगास और फ़ियोन - ज्ञान की मछली

इस प्राचीन आयरिश कहानी को प्रस्तुत करते हुए रूबी कार्मेन बताती हैं कि कैसे अंततः ज्ञान अपने सही मालिक तक पहुँच जाता है।

बहुत समय पहले आयरलैंड में फ़िनेगास नाम का एक बूढ़ा ऋषि रहता था। वह एक कवि और एक पुरोहित था। लोगों का मानना था कि वह पूरे आयरलैंड के सबसे बुद्धिमान लोगों में से एक था। अपने बाद के जीवन में, वह बॉयने नदी के किनारे एक छोटे से घर में अकेला रहता था, जिसे उसने खुद बनाया था।

आप सोच रहे होंगे कि फ़िनेगास नदी के किनारे क्यों रह रहा था। दरअसल, वह जादुई मछली की तलाश में था, जिसे ‘ज्ञान की मछली’ माना जाता था। इस मछली के बारे में कहा जाता था कि उसे खाने वाला दुनिया का सबसे ज्ञानी व्यक्ति बन जाएगा। हालाँकि फ़िनेगास एक पढ़ा-लिखा आदमी था लेकिन दुर्भाग्य से वह कोई बहुत कुशल मछुआरा नहीं था। फिर भी, उसने इस जादुई मछली को पाने के लिए धैर्यपूर्वक इंतज़ार किया क्योंकि वह इस लोक और अन्य लोकों का सारा ज्ञान प्राप्त करना चाहता था।

फ़िनेगास का एक शिष्य था जिसका नाम फ़ियोन था। वह एक युवा योद्धा था। बचपन में उसे प्यार से डेम्ने कहा जाता था और उसे एक दुश्मन कबीले - जिसका उसके परिवार के साथ लंबे समय से झगड़ा चल रहा था - से बचाने के लिए गुप्त रूप से पाला गया था। बूढ़े व ज्ञानी ऋषि से सीखने के लिए फ़ियोन को फ़िनेगास के साथ रहने के लिए भेजा गया था।

फ़ियोन घर के कामों में मदद करता था और उस दौरान वह फ़िनेगास के सभी रोमांच और अनुभवों की कहानियाँ सुनता था। फ़ियोन एक जिज्ञासु मन और खुले दिल से उन कहानियों को सुनता था और ज्ञानी ऋषि से गहरी, समझदारी भरी बातें पूछता था।

 

finnegas-fionn-2.webp

एक दिन वसंत के मौसम में नदी के किनारे बैठे हुए फ़िनेगास ने एक सुंदर मछली देखी, जो चाँदी की तरह चमक रही थी और उसे अपने दिल में पता था कि वह ज्ञान की जादुई मछली थी। फ़िनेगास ने उसे पकड़ने की बहुत कोशिश की लेकिन वह जाल में से फिसलकर बाहर निकल जाती थी और उसके सख्त व बूढ़े हाथों में से भी फिसल जाती थी। तब वह वृद्ध ऋषि मौन प्रार्थना के साथ ऊपर आसमान की ओर देखकर सोचने लगा कि यदि वह सच में ज्ञान की मछली है तो वह उसे जल्द ही पा लेगा।

कहा जाता है कि कोई भी उस मछली को सीधे नहीं देख सकता था, क्योंकि ऐसा करने से वह व्यक्ति तुरंत सो जाता था। इसलिए फ़िनेगास को अपने चोगे के किनारे से अपनी आँखें ढकनी पड़ीं। मछली के साथ यह संघर्ष बहुत समय तक चलता रहा और फिर आखिरकार, वह उसके हाथों में आ गई। फ़िनेगास जानता था कि मछली से जादुई ज्ञान प्राप्त करने के लिए उसे क्या करना होगा।

लंबे समय तक मछली के साथ संघर्ष करने के बाद फ़िनेगास थक चुका था। इसलिए उसने फ़ियोन की मदद ली और दोनों ने जादुई मछली को पकाने के लिए नदी के किनारे आग जलाई। वृद्ध ऋषि और उसका शिष्य, दोनों अगल-बगल बैठकर बेसब्री से मछली के पकने का इंतज़ार करने लगे।

फ़िनेगास थोड़ी देर नींद की झपकी लेना चाहता था लेकिन अपनी आँखें बंद करने से पहले उसने फ़ियोन से मछली का खयाल रखने के लिए कहा और साथ में यह हिदायत दी कि वह मछली को बिलकुल न चखे और जब वह पक जाए तो उसे जगा दे। ऋषि ने प्यार और दृढ़ता से फ़ियोन को कहा, “सुनो, मेरे प्यारे बच्चे, तुम कुछ भी करो लेकिन मछली को नहीं चखना।” मुस्कुराते हुए, फ़ियोन ने सहमति में सिर हिलाया।

फ़ियोन आग के पास बैठा मछली की रखवाली कर रहा था, तभी अचानक उसने देखा कि मछली की खाल फटने लगी। इसलिए बिना किसी झिझक के उसने अपना चाकू निकाला और उसे मछली पर रखा, लेकिन गलती से फ़ियोन का अंगूठा जल गया। लंबी साँस लेकर फ़ियोन ने जलन कम करने के लिए अपना अंगूठा मुँह में डाल लिया।

 

finnegas-fionn-3.webp

 

क्या आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि तब क्या हुआ?

बूढ़े ऋषि फ़िनेगास ने धीरे से अपनी आँखें खोलीं और सीधे फ़ियोन पर दृष्टि डाली। उसे देखकर वह सब समझ गया। उसके सामने फ़ियोन खड़ा था, उसकी नीली-हरी आँखें हज़ार सूर्यों की तरह चमक रही थीं, उसका चेहरा पूर्णिमा के चाँद की तरह दमक रहा था। स्पष्ट था कि पूरे लोक का ज्ञान, वह महान ज्ञान फ़िनेगास को नहीं बल्कि फ़ियोन को मिल गया था। यह बूढ़े ऋषि को अच्छी तरह समझ आ गया था।

फिर भी, उसने युवा योद्धा से पूछा, “बच्चे, क्या तुमने ज्ञान वाली मछली को चखा था?” फ़ियोन ने ईमानदारी से जवाब दिया, “श्रीमान, मैंने नहीं चखा था।” फ़ियोन कुछ पल रुका और फिर उसने सोच-समझकर जवाब दिया, “जब मैंने उसे चाकू से दबाया था तब मेरा अंगूठा जल गया था,” और फ़ियोन को एहसास हुआ कि उसने गलती से उस जादुई मछली से दुनिया का ज्ञान प्राप्त कर लिया था।

बूढ़ा ऋषि मुस्कुराया। उच्चतर ज्ञान पाने की अपनी इच्छा के बावजूद, उसने पाया कि उसका शागिर्द फ़ियोन सच में उस ज्ञान के लायक था। कहा जाता है कि अपनी पूरी ज़िंदगी फ़ियोन अपने अंगूठे को मुँह में दबाकर दुनिया का ज्ञान हासिल करता था।

फ़ियोन आगे चलकर प्राचीन आयरलैंड में फ़ियाना (योद्धाओं का एक विशेष समूह) का एक महान योद्धा व नेता बना।

 

finnegas-fionn-4.webp

 


Comments

रूबी कार्मन

रूबी कार्मन

रूबी एक हार्टफुलनेस प्रशिक्षक, शिक्षक व अनुभवी परामर्शदाता हैं और कभी-कभी लिखती भी हैं... और पढ़ें

उत्तर छोड़ दें