हृदयपूर्ण श्रोता – भाग 7

रवि वेंकटेशन एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और हार्टफुलनेस ध्यान के प्रशिक्षक हैं। वे अपनी हृदयपूर्ण श्रोता की श्रृंखला को जारी रखते हुए एक व्यावहारिक नब्बे-दिवसीय परिवर्तन योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं जिसका उद्देश्य सुनने की कला को अपने व्यवहार में उतारना है।

किसी भी महत्वपूर्ण बात की तरह सुनना भी एक ऐसी कला है जिसे सिर्फ़ सिद्धांतों में नहीं बाँधना चाहिए बल्कि उसे अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। आप उपस्थिति, समानुभूति या चिंतनशील व्यवहार को विकसित कर सकते हैं, लेकिन जब तक ये गुण वास्तविक जीवन में - तनावपूर्ण क्षणों में, विविध परिस्थितियों में और आपको चुनौती देने वाले लोगों के साथ बातचीत में - निरंतर व्यक्त नहीं होते तब तक आपका प्रयास अधूरा ही रहता है।

हृदयपूर्ण श्रोता की श्रृंखला के इस अंतिम भाग में हम अस्तित्व की अवस्थाओं, मूल गुणों, व्यावहारिक अभिव्यक्तियों और अर्जित कौशलों को जीवन में अभ्यास के रूप में अपनाने की बात करते हैं। इसके लिए व्यावहारिक साधन और एक नब्बे-दिन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है।

आइए, उन प्रमुख तत्वों पर पुनः विचार करें जो हमने पिछले छह लेखों में सीखे हैं।

 

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हृदयपूर्ण श्रोता बनने के लिए हमने जो रूपरेखा सीखी है, वह इस प्रकार है -

अस्तित्व की अवस्था (आंतरिक अवस्था)ð गुण ð → व्यवहारðकौशल

आयाम

तत्व

अस्तित्व की अवस्था

शांति, तटस्थता,
नियंत्रित आंतरिक स्थिति

गुण

समानुभूति, उदार मानसिकता, उपस्थिति,
सच्ची दिलचस्पी

व्यवहार

सजग ध्यान,
चिंतनशील प्रतिक्रिया,
नैतिक विचार,
सांस्कृतिक जागरूकता

कौशल

सक्रिय श्रवण, गहन श्रवण, व्यावसायिक श्रवण, केंद्रित होना

क्रियाशील श्रवण के लिए हमने जिन केस स्टडीज़ (व्यक्ति, समूह या घटना का गहन अध्ययन) की समीक्षा की है, उनसे मिले कुछ परिणाम प्रस्तुत हैं -

  1. कैंप डेविड में जिमी कार्टर - गहन + व्यावसायिक + केंद्रित।
  2. एंजेला मैर्केल की सर्वसम्मति कला - व्यावसायिक + सजग ध्यान।
  3. नेल्सन मंडेला की गरिमा - सजग ध्यान + सच्ची दिलचस्पी।
  4. श्री रोजर्स की परिवर्तनकारी समानुभूति - उपस्थिति + समानुभूति।
  5. शोक में बराक ओबामा - उपस्थिति + समानुभूति + नैतिकता।
  6. सत्य नडेला का वैश्विक संकेत - सांस्कृतिक जागरूकता + उदार मानसिकता।

आइए, इस सब को एक तीस-साठ-नब्बे दिन की व्यावहारिक परिवर्तन योजना में बदलें।

एक से तीस दिन - जागरूकता और आंतरिक शांति विकसित करें।

  • प्रत्येक बातचीत से पहले एक मिनट के लिए ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास करें।
  • बीच में टोकने की इच्छा पर ध्यान दें।
  • उन गुणों को लिखें जिन्हें आपने अपनाया।

इकतीस से साठ दिन - गुणों को व्यवहार में समाहित करें।

  • प्रतिदिन सचेतन ध्यान का अभ्यास करें।
  • डायरी में चिंतनशील उत्तर लिखें।
  • हर सप्ताह सांस्कृतिक जाँच से जुड़े प्रश्न पूछें।

इकसठ से नब्बे दिन - व्यावसायिक व गहन श्रवण को निखारें।

  • सुने गए विचारों का बैठकों में मिलकर सार प्रस्तुत करें।
  • अपनी सुनने की क्षमता पर प्रतिक्रिया प्राप्त करें।
  • हर सप्ताह स्व-मूल्यांकन तालिका (self-grading grid) के माध्यम से अपनी प्रगति को जानें।

हर साप्ताह इस एक से पाँच के वर्ग-विन्यास (grid) का उपयोग करें ताकि आप विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रगति को आँक सकें। बेहतर होगा कि अपनी नब्बे-दिन की यात्रा के संदर्भ में हर सप्ताह अपनी प्रगति को दर्ज करें।

 

आंतरिक गुणवत्ता

1

2

4

5

सक्रिय श्रवण

    

गहन श्रवण

    

व्यावसायिक श्रवण

    

केंद्रित होना

    

अपनी प्रगति का और आगे मूल्यांकन करने के लिए नीचे दिए गए आयामों का उपयोग करें।

 

आयाम

1

3

5

केंद्रित होना

प्रतिक्रियाशील

अधिकांशतः अविचल

पूरी तरह से स्थिर

समानुभूति

प्रत्युत्तर देने की जल्दी

केवल सतही बातें समझना

कुछ भाव समझना

उदार मानसिकता

निजी विचार थोपना

स्वयं पर केंद्रित

सुनना लेकिन कार्य का स्वरूप
जानने से चूक जाना

उपस्थिति

प्रतिक्रियाशील

थोड़ा चिंतित

शांत रहने की कोशिश

सजग ध्यान

एक साथ कई कार्य करना

कम विराम लेना

अविभाजित ध्यान

चिंतनशील प्रतिक्रिया

सलाह देना

व्याख्या करना

अर्थ और भावना को दर्शाना

नैतिक विचार

अधिक जानकारी
साझा करना

कभी-कभी पूछना

हमेशा सहमति प्राप्त
करने की कोशिश करना

सांस्कृतिक जागरूकता

स्वयं पर केंद्रित होना

एक बार जाँचना

सहजता से अनुकूल होना

सक्रिय श्रवण

बीच में टोकना

सारांश प्रस्तुत करना

सारांश प्रस्तुत करना और
अर्थ की पुष्टि करना

गहन श्रवण

जल्दी समाधान देना

विराम में धैर्य रखना

अनकही बातों को समझना

व्यावसायिक श्रवण

राय-प्रधान

विचारों को समझना

प्रारूपों और समझौतों को
समन्वित करना

 

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Deskside Reference Sheet—The Heartful Listener

 

 

मार्क मिल्टन के कथन के साथ समापन

पहले भाग में एजुकेशन 4 पीस के मार्क मिल्टन ने हमें याद दिलाया, “सुनना एक महाशक्ति है। यह घावों को भरता है, लोगों को जोड़ता है और रिश्तों को बदल देता है। लेकिन हम इसे शायद ही कभी सिखाते हैं।”

यह श्रृंखला उनके प्रस्ताव को क्रियान्वित करती है - स्वयं को केंद्रित करना, गुणों को आत्मसात करना, व्यवहारों को अपनाना और कौशलों का अभ्यास करना। आइए एक प्रिंट करने योग्य अपनी मेज़ पर रखने वाले संदर्भ पत्रक के साथ इस श्रृंखला को समाप्त करें। इसका उपयोग आप हृदयपूर्ण श्रोता बनने के लिए कर सकते हैं।

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रवि वेंकटेशन

रवि वेंकटेशन

रवि एटलांटा में रहने वाले प्रबंधक हैं जो वर्तमान में कैंटालोप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे प्रस्तुतिऔर पढ़ें

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