विक्टर कन्नन मूलभूत तत्वों की ओर वापसी के बारे में बात कर रहे हैं। यह सभी अग्रणियों व साधकों के लिए एक व्यावहारिक पुनरारंभ होगा जिससे वे अपने कार्य और जीवन को नए इरादे और बुद्धिमानी के साथ निभा पाएँगे।
चाहे व्यवसाय हो, नेतृत्व या आंतरिक जीवन की बात हो, अक्सर हमें मूलभूत बातों पर लौटने की आवश्यकता होती है। ऐसा करने से हमें अपने सर्वोत्तम इरादों को परखने, उन्हें पुनर्व्यवस्थित करने, उनके प्रति पुनः प्रतिबद्ध होने तथा अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का नवीनीकरण करने में मदद मिलती है।
समय के साथ एक स्वस्थ दिनचर्या भी यांत्रिक हो सकती है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है पुरानी अच्छी आदतों की प्रासंगिकता फीकी पड़ जाती है और अपने जीवन की जटिलता में हम अपने प्राथमिक लक्ष्य को भूल जाते हैं। धीरे-धीरे हम उस मार्ग से भटक जाते हैं जिस पर चलने का हमारा इरादा था। अतः जो मार्ग प्रारंभ में हमें लक्ष्य की ओर सीधा जाता प्रतीत होता था, वह मुड़कर धीरे-धीरे अपने लक्ष्य से दूर होता जाता है। मूलभूत तत्वों पर लौटने से हमें उस मोड़ को सीधा करने और अपने वास्तविक लक्ष्यों पर फिर से केंद्रित होने में मदद मिलती है।
मूलभूत तत्वों पर लौटने से हमें उस मोड़ को सीधा करने और अपने वास्तविक लक्ष्यों पर फिर से केंद्रित होने में मदद मिलती है।
किसी अग्रणी व्यक्ति के लिए मूलभूत तत्वों पर लौटने का अर्थ अपने उद्देश्य और लक्ष्यों की पुनः जाँच करना, अपने स्वप्नों और लक्ष्यों के विवरणों में सुधार करना या हमसफ़र के साथ तालमेल का पुनर्मूल्यांकन करना हो सकता है। कॉर्पोरेट संस्कृति के फलने-फूलने के लिए हमें उन मूल्यों पर पुनर्विचार करना होगा जो जटिलता आने से पहले उसकी पहचान थे। यह बात उस व्यक्ति के लिए भी सच है जो आत्म-सुधार या अपनी प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रयासरत है। एक अनुभवी हार्टफुलनेस अभ्यासी के लिए मूल तत्वों पर लौटने का तात्पर्य है, फिर से एक नए जिज्ञासु के समान ध्यान करना जिसके मन में आंतरिक शांति या आनंद की कोई अपेक्षा नहीं है। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि अभ्यासी रिलैक्सेशन, ध्यान, सफ़ाई, प्रार्थना और आत्मनिरीक्षण के मूलभूत अभ्यासों की ओर लौटे - उन्हें स्वेच्छापूर्वक व पूरी सजगता के साथ करे और हर कदम को बिना किसी जल्दबाज़ी, हड़बड़ी या लापरवाही के पूरी तरह व सही ढंग से शामिल करे।
मूल तत्वों पर वापस जाना एक बुद्धिमानी भरी युक्ति है। इसका अर्थ है यह सुनिश्चित करना कि प्रगति निरंतर होती रहे और तरीकों का सही ढंग से पालन किया जाए। एक संगीतकार जिसने अपने वाद्ययंत्र में महारत हासिल कर ली है, वह फिर भी स्वरों का रियाज़ करता है। एक बहुत अच्छा खिलाड़ी भी बार-बार अभ्यास करता है। इसी प्रकार हर अध्ययन, हर कला व प्रत्येक जीवन एक स्वैच्छिक विराम से लाभान्वित होता है। यह एक ऐसी पुनर्व्यवस्था है जिसमें सारा संचित कोलाहल हट जाता है और पुनः स्पष्टता प्राप्त होती है। जब हम ऐसा समय-समय पर करते रहते हैं तब हमें कुछ नया देखने को मिलता है, भले ही हम उस विधा में निपुण हों। हमें वे बातें याद रहती हैं जो सचमुच मायने रखती हैं तथा महत्वपूर्ण बातें अधिक स्पष्ट हो जाती हैं। मूल तत्वों पर लौटने से हमारा जीवन सरल हो जाता है और हमें अपने निर्धारित महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर केंद्रित रहने में मदद मिलती है।
मूल तत्वों पर वापस लौटने के नियमित (या वार्षिक) अभ्यास या आदत से हम जीवन में होने वाली अव्यवस्था को रोक पाते हैं। यह प्रक्रिया हमारी ऊर्जा को पुनर्निर्देशित करती है और अव्यवस्था को दूर करती है जिससे प्रगति की नई ऊँचाइयाँ पाना संभव होता है। हम अपने काम को नेक इरादे और आनंद के साथ करते हैं।
मूल तत्वों पर वापस लौटने के नियमित (या वार्षिक) अभ्यास या आदत से हम जीवन में होने वाली अव्यवस्था को रोक पाते हैं। यह प्रक्रिया हमारी ऊर्जा को पुनर्निर्देशित करती है और अव्यवस्था को दूर करती है जिससे प्रगति की नई ऊँचाइयाँ पाना संभव होता है। हम अपने काम को नेक इरादे और आनंद के साथ करते हैं।
कॉर्पोरेट जगत में मूलभूत तत्वों की ओर लौटना एक नया चलन बन गया है। हाल ही में अमेज़ॉन ने अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एंडी जेसी, के नेतृत्व में अपनी कार्य संस्कृति और संचालन के तरीके को बड़े पैमाने पर पुनर्निर्धारित करना शुरू किया है। वे अमेज़ॉन को उन्हीं कार्यनीतियों पर वापस ला रहे हैं जिनकी वजह से कंपनी शुरू में सफल हुई थी। हाल ही की सूचना के अनुसार जेसी ने अमेज़ॉन की स्थापना के ‘पहले दिन’ वाली मानसिकता को सुदृढ़ किया है और इसके नेतृत्व के मूल सिद्धांतों पर ज़ोर दिया है। उन्होंने इन्हें सीधे प्रदर्शन मूल्यांकन और वेतन वृद्धि से जोड़ दिया है। इसी प्रकार जब नेस्ले बोर्ड ने वर्ष 2024 में अपने ही कर्मचारी लौरों फ़्रेक्स को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चुना तो उन्होंने इसे ‘मूलभूत सिद्धांतों की ओर बढ़ना’ कहा। यह निर्णय कंपनी द्वारा किए गए वर्षों के अधिग्रहण और विविधीकरण के बाद आया जिसके कारण कंपनी की हालत डांवाडोल हो रही थी।
मूलभूत तत्वों की ओर लौटने के इस नवीनीकरण के लिए कई लोग ध्यान शिविरों में जाते हैं। यहाँ तक कि कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज भी समय-समय पर स्वयं को पुनर्व्यवस्थित करने के लिए हार्टफुलनेस या माइंडफुलनेस ध्यान शिविरों में जाते हैं। इस तरह के शिविर, मूल तत्वों की ओर लौटने के किसी भी अन्य अभ्यास से अधिक प्रभावी होते हैं। ये हमें स्पष्टता, दृढ़ विश्वास और आत्मविश्वास के साथ फिर से आगे बढ़ने से पहले अपने अस्तित्व के केंद्र और अपने सिद्धांतों के मूल की ओर लौटने में मदद करते हैं। इन शिविरों से हम और अधिक ऊर्जा और उत्साह प्राप्त करते हैं।
आप इसे चाहे तो अकेले या अपने व्यवसाय अथवा समुदाय के अग्रणी के तौर पर आज़माकर देखें और अंतर महसूस करें। गहन आत्मचिंतन और पुनः प्रतिबद्धता का एक दिन भी काफ़ी होगा। यदि आप एक पूरा दिन नहीं निकाल सकते तो अपने को पुनः व्यवस्थित करने के अल्पकालीन प्रयास करें - शांत वातावरण में सैर या डायरी में कुछ पंक्तियाँ लिखना या एक सोचा-समझा लघु विराम लेना। इसके परिणामस्वरूप आपको अपने घर लौटने जैसा असीम आनंद प्राप्त होगा।


विक्टर कन्नन
विक्टर हार्टफुलनेस ध्यान के एक उत्साही अभ्यासी और प्रशिक्षक हैं। व्यावसायिक क्षेत्र के मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में वे दैनिक कार्यों एवं उत्तरदायित्वों में ध्यान के लाभों को भी ... और पढ़ें
