मुहम्मद हनीफ़ अब्दुल रज़ाक, ‘मल्टी-फ़ेथ मल्टीकल्चरल सेंटर’ और ‘प्योर लैंड लर्निंग कॉलेज’ के समन्वयक हैं। वे हमें बता रहे हैं कि उनका संगठन किस प्रकार से ऑस्ट्रेलिया के टूवूंबा शहर में सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता के बावजूद लोगों में परस्पर सद्भाव स्थापित करने में सक्रिय है। शांति के लिए उनका स्वप्न व्यावहारिक है जो इस संगठन के संस्थापक एवं गुरु श्रद्धेय चिन कुंग ए.एम. की संकल्पनाओं पर आधारित है।
टूवूंबा शहर ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में ब्रिसबेन की पश्चिमी दिशा में है। इस शहर में अनेक इमारतों के पुरातन अग्रभाग और कई बाग-बगीचे हैं। यहाँ की जनसंख्या लगभग 2,00,000 है। वर्ष 2001 में श्रद्धेय गुरु चिन कुंग ए.एम. ने इस शहर में ‘प्योर लैंड लर्निंग कॉलेज एसोसिएशन इंक.’ नामक संस्था की स्थापना की। उस समय से और साथ ही बौद्ध धर्म का केंद्र होने के नाते यह शहर शांति समर्थन का केंद्र भी बन गया है। यह केंद्र एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए सभी मान्यताओं के लोगों को एक साथ लाकर एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए काम कर रहा है। जून 2013 में यहाँ के मेयर पॉल एन्टोनियो ने टूवूंबा को एक शरणार्थी-अनुकूल-क्षेत्र घोषित कर दिया।
आज टूवूंबा एक ऐसा शहर है जिसमें अस्सी विभिन्न जातियों, आस्थाओं, मान्यताओं और संस्कृतियों के लोग निवास करते हैं। इनमें जर्मनी, ब्रिटिश द्वीप समूह, मलेशिया, सिंगापुर, नेपाल, कोरिया, अफ़गानिस्तान, सीरिया, सूडान, कांगों, इराक, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका, चीन, सोमालिया, लीबिया और पाकिस्तान व अन्य कई देशों के लोग शामिल हैं। हमारे यहाँ एक ऐसा विद्यालय है जिसमें रोज़ाना 26 भाषाएँ बोली जाती हैं। एक तरह से यह ऑस्ट्रेलिया का लघु-संयुक्त राष्ट्र है। और यहाँ की जनसंख्या की विवधता बढ़ रही है। यह सब देखते हुए परम श्रद्धेय गुरु चिन कुंग के मन में टूवूंबा को शांति और सद्भाव का प्रतीक, एक आदर्श शहर बनाने का विचार आया।

यात्रा की शुरुआत कैसे हुई -
वर्ष 2001 से मैत्री रात्रिभोज
लोगों के साथ भोजन करने और एक-दूसरे को कहानियाँ सुनाने की इस सरल-सी प्रतीत होने वाली सभा में सामुदायिक पहल की शुरुआत कैसे हुई? आइए हम इस यात्रा को संभव बनाने वाली आधारभूत बातों पर गौर करते हैं। हम इन मूलभूत सिद्धांतों का पालन करते हैं -
- मानव संभावनाओं का भंडार हैं।
- •जीवन निर्माण का मूल साधन आपसी संबंध हैं।
- •सिखाने के बजाय शिक्षित करें और एक-दूसरे से बात करें।
- •तकनीक मानवीय बातचीत का स्थान नहीं ले सकती।
- •नेतृत्व स्मरण कराता है, सत्ता बताती है।
मैत्री-रात्रिभोजों ने लोगों में परस्पर बात करने का अवसर पैदा किए। इन्होंने समुदाय के सभी सदस्यों के एक साथ मिलकर बातचीत करने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान किया। इसके कारण उनमें परस्पर संबंध और भाईचारे का विकास हुआ और परिणामस्वरूप आपस में भरोसा भी बढ़ा। लोग हमारे साथ एक सहयोगी बनकर यात्रा क्यों करना चाहते हैं? क्योंकि उन्हें भी उन बातों पर विश्वास है जिन पर हमें विश्वास है। जब लोग आपस में विश्वास करने लगते हैं तो वे जोखिम लेने, प्रयोग करने व खोज करने के लिए भी तैयार हो जाते
हैं। हमारे साथ यात्रा करने के लिए हम दूसरों में उद्देश्य की भावना विकसित करते हैं।

धार्मिक सद्भाव और सामाजिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए टूवूंबा के निम्नलिखित दिशा निर्देश हैं -
- एक रणनीतिक योजना जिसमें मुख्य कार्यक्रम शामिल हों।
- एक प्रचार वाक्य जो सभी आसानी से पहचान सकें, ‘हर इंसान का महत्व है’।
- •एक सुव्यवस्थित कार्यस्थल एवं एक कार्य योजना हो।
- एक सचिवालय हो - कार्य-सूची की सहायता के लिए ‘मल्टी-फ़ेथ मल्टीकल्चरल सेंटर’ की स्थापना।

हमारे कार्यक्रम और कार्य-योजना को चार मौलिक सिद्धांतों - साझा करना, दयालुता भरे शब्द, लाभकारी कार्य और सहयोग - को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ये सिद्धांत हमारे श्रद्धेय गुरु चिन कुंग की शिक्षाओं में प्रमुख हैं ताकि सभी आपस में जुड़ें और मिलकर काम करें तथा सामाजिक विकास हो। इन चार मौलिक सिद्धांतों से जुड़े कार्यों के उदाहरण इस प्रकार हैं -
साझा करना - मैत्री-रात्रिभोज, सद्भाव भोज, चाय पर चर्चा, सद्भावना दिवस, भाषा व सांस्कृतिक उत्सव।
दयालुता भरे शब्द - सामाजिक मूल्यों और नैतिकता की कक्षाएँ, अपने मत के बारे में एक-दूसरे को बताना।
लाभकारी कार्य - चिकित्सा शोध का प्रायोजन, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, क्लीन-अप ऑस्ट्रेलिया दिवस, एक साथ काम करना, फ़र्स्ट नेशन्स एन्डोमेंट स्कॉलरशिप फ़ंड, टूवूंबा हॉस्पाइस कम्यूनिटी फ़ंड, कम्युनिटी लेबिरिंथ।
सहयोग - सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण, वार्ताओं में और सरकार व अन्य समुदायों तथा स्वयंसेवी संगठनों के साथ सहकार्यता।



हम भाग्यशाली हैं कि हमारा मार्गदर्शन ज़िम्मेदार नेताओं के द्वारा किया जा रहा है। यह एक समुदाय संचालित उपक्रम है। यहाँ हर कार्य-योजना को सलाह-मशवरा करके सर्वसम्मति और सहकार्यता के सिद्धांतों के आधार पर निर्देशित एवं विकसित किया जाता है। हमारे विभिन्न कार्य समूह इस प्रकार हैं -
- टूवूंबा इंटरफेथ वर्किंग ग्रुप (अंतर्धार्मिक कार्यसमूह) जिसका प्रतिनिधित्व 22 धर्म-संप्रदायों द्वारा किया जाता है।
- टूवूंबा गुडविल कमेटी जिसके सदस्य स्थानीय काउंसिल, पुलिस, व्यापार, शिक्षा, समुदाय एवं स्वैच्छिक समूहों से हैं।
- टूवूंबा यूथ पीस ग्रुप (युवा शांति समूह) जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक समुदायों के युवा शामिल हैं।
- फ़र्स्ट नेशन्स करूल्बो एबोरिजनल कमेटी।
- टूवूंबा पीस ग्रुप (शांति समूह) जिसमें दस व्यापारिक और सामुदायिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हैं।
हम इसलिए कामयाब हो रहे हैं क्योंकि हम बातचीत में विश्वास करते हैं, बहस में नहीं। हम खुद को लगातार याद दिलाते रहते हैं, “मन बहस करता है और हृदय जोड़ता है।” हम सिखाते नहीं शिक्षित करते हैं। हम नेतृत्व में नियंत्रण के बजाय सेवा करने के सिद्धांत के अनुसार कार्य करते हैं और पूर्णतया सिद्धांत का पालन करते हैं अर्थात सफलता प्राप्त करने तक एक ही चीज़ पर केंद्रित रहते हैं। हमारी टैग लाइन बहुत सरल है, “हर एक इंसान का महत्व है” और हम अपने भावनात्मक बैंक में निवेश करते हैं।
हमारे उपक्रमों के सकारात्मक नतीजों के उदाहरण -
टूवूंबा को मई 2018 में “सुरक्षित शहर” घोषित किया गया।
डीकन यूनिवर्सिटी में “टूवूंबा में धार्मिक और सामाजिक सद्भाव कैसे फल-फूल रहा है” विषय पर एक शोध परियोजना की गई जिसमें यह विशेष उल्लेख किया गया कि टूवूंबा एकमात्र ऐसा शहर है जहाँ सभी धर्मों को एक साथ लाने का कार्यरत तंत्र मौजूद है।
हमारे कार्यक्रम और गतिविधियाँ जो धार्मिक एवं सामाजिक सद्भाव को प्रेरित करती हैं, उन पर गौर करने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एक प्रशिक्षु की नियुक्ति।
वर्ष 2018 के क्वीन्सलैंड राज्य के मल्टीकल्चरल अवार्ड के अंतिम दौर में पहुँचने वाले प्रतिभागी।
मोरटन बे प्रांत में सेंट माइकेल चर्च के ईसाई मठ द्वारा एक मल्टी-फ़ेथ कल्चरल डायलॉग सेंटर (बहु-धार्मिक और सांस्कृतिक संवाद केंद्र) की शुरुआत करने में प्रेरणा एवं सहयोग।
10 प्रमुख धार्मिक ग्रंथों से 360 उक्तियों का प्रकाशन।
ज्ञान के 360 वचनों का प्रकाशन।
सभी धर्मों और सामुदायिक समूहों की स्वीकृति प्राप्त करके एक सामान्य प्रार्थना अपनाना जिसे सभी धार्मिक समारोहों, कार्यक्रमों और ऑस्ट्रेलिया दिवस पर पढ़ा जाता है।
हमारे सामुदायिक रेडियो स्टेशन 102.7 FM पर हर शुक्रवार और रविवार को विभिन्न मान्यताओं, आस्थाओं एवं संस्कृतियों पर एक रेडियो कार्यक्रम किया जाता है। इस कार्यक्रम का प्रसारण दस वर्षों से किया जा रहा है।
कोविड-19 महामारी के प्रबंधन हेतु वेनेरेबल कम्युनिटी ग्रुप का गठन जिसका नेतृत्व टूवूंबा बेस हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक द्वारा किया गया था। अपने स्रोतों और सहायता को साझा करने के लिए पैंतीस सरकारी और सामुदायिक संगठन प्रति बुधवार ज़ूम पर मीटिंग करते थे।
सिंगापुर, मलेशिया, ब्रुनेई और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षाविदों के साथ एक सलाहकार बोर्ड बनाया गया है जो हमारी कार्यसूची के लिए सलाह और दिशा निर्देश देता है।
विभिन्न मान्यताओं और पद्धतियों के परिवारों को सहयोग प्रदान करने के लिए सेवाएँ देना।
ऑस्ट्रेलिया दिवस अवार्ड स्थानीय क्षेत्र 2022, “कम्युनिटी ग्रुप ऑफ़ द ईयर” के विजेता।
तनाव और विवादों को कम करना - दो प्रलेखित प्रकरणों के अध्ययन के साथ।
जब लोग आपस में विश्वास करने लगते हैं तो वे जोखिम लेने, प्रयोग करने व खोज करने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। हमारे साथ यात्रा करने के लिए हम दूसरों में उद्देश्य की भावना विकसित करते हैं।


मुहम्मद हनीफ़ अब्दुल रज़ाक
श्री हनीफ़ प्योर लैंड लर्निंग कॉलेज एसोसिएशन इंक., टूवूंबा, और पढ़ें
